अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने अवैध शराब के एक बड़े काले कारोबार का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हासिल की है। रामगढ़ पुलिस अधीक्षक (SP) को मिली एक सटीक गुप्त सूचना के आधार पर गोला थाना क्षेत्र के बंदा गांव में संचालित हो रहे अवैध विदेशी शराब निर्माण और पैकेजिंग के धंधे का भंडाफोड़ किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) आलोक रंजन के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस अवैध मिनी फैक्ट्री पर धावा बोल दिया।
पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली थी कि बंदा गांव के रहने वाले दो सगे या स्थानीय कारोबारी अशोक साव और अनिल साव अपने-अपने घरों के भीतर ही अवैध रूप से विदेशी शराब तैयार कर रहे हैं। वे न सिर्फ इसका निर्माण कर रहे थे, बल्कि नामी ब्रांड्स की बोतलों में इसे री-पैकेजिंग कर आसपास के इलाकों और विशेष रूप से प्रसिद्ध रजरप्पा मंदिर प्रक्षेत्र की दुकानों व होटलों में धड़ल्ले से सप्लाई कर रहे थे। सूचना के सत्यापन के बाद जब पुलिस टीम ने बंदा गांव में दोनों आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, तो वहां हड़कंप मच गया।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक आरोपी अशोक साव (44 वर्ष) को मौके पर ही धर दबोचा। हालांकि, दूसरा आरोपी अनिल साव (42 वर्ष) अंधेरे या भीड़ का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। जब पुलिस ने दोनों के घरों और गोदामों की सघन तलाशी ली, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
तलाशी के दौरान पुलिस टीम ने भारी मात्रा में नकली शराब बनाने की सामग्री बरामद की। इसमें विभिन्न ब्रांड्स के करीब 7000 पीस ढक्कन, अलग-अलग नामी ब्रांडों की 1800 खाली बोतलें, ग्राहकों को धोखा देने के लिए तैयार किए गए विभिन्न ब्रांड्स के लगभग 5000 फर्जी स्टीकर (लेबल) और 19 पेटियों में पैक की गई विभिन्न ब्रांड की 376 बोतल तैयार अवैध विदेशी शराब बरामद की गई। इसके अलावा, शराब की तस्करी में इस्तेमाल की जाने वाली एक अल्टो कार (रजिस्ट्रेशन नंबर – जेएच24बी-7800) को भी जब्त किया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पकड़े गए अशोक साव और फरार अनिल साव का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। ये दोनों पेशेवर अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले भी गोला और रजरप्पा थानों में उत्पाद अधिनियम (Excise Act) तथा भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं।
इस सफल और बड़ी छापेमारी टीम में एसडीपीओ आलोक रंजन के साथ गोला अंचल के पुलिस निरीक्षक पंकज कुमार, गोला थाना प्रभारी अभिषेक कुमार, अवर निरीक्षक अमित कुमार, स्वामी रंजन ओझा, कुमार प्रभात रंजन, सहायक अवर निरीक्षक बहादुर महतो, संजय कुमार गोराई, तरसिसिया लकड़ा सहित पैंथर मोबाइल दस्ता और सशस्त्र बल के जवान मुख्य रूप से शामिल थे। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।

