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Bokaro news: ध्रुपद गायन की प्राचीन एवं प्रतिष्ठित परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाले प्रख्यात ध्रुपद गायक पंडित कृष्ण मोहन पाठक का चयन वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार के लिए किया गया है। हिंदुस्तानी वोकल ध्रुपद के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए संगीत नाटक अकादमी द्वारा उन्हें इस राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। उल्लेखनीय है कि संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भारत सरकार द्वारा संगीत, नृत्य एवं रंगमंच के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को प्रदान किया जाने वाला देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है।
बोकारो व झारखंड के प्रसिद्ध तबला वादक पं राम वचन पाठक (पं बच्चन जी महाराज) के बड़े भाई व वरिष्ठ संगीतज्ञ पं कृष्ण मोहन पाठक को प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा से संगीतज्ञों व कला जगत से जुड़े लोगों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। ध्रुपद के महानायक पंडित कृष्ण मोहन पाठक को प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार के लिए चयनित होना भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है।
पंडित कृष्ण मोहन पाठक गया घराने के वरिष्ठ संगीतज्ञ हैं और पिछले चार दशकों से ध्रुपद संगीत की साधना में निरंतर समर्पित हैं। अपनी विलक्षण गायकी, गंभीर आलाप, सशक्त लयकारी तथा ध्रुपद की पारंपरिक शैली के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनाई है। संगीत प्रेमियों और विशेषज्ञों का मानना है कि पंडित पाठक ने ध्रुपद जैसी प्राचीन विधा को नई ऊर्जा प्रदान करते हुए इसे देश-विदेश के श्रोताओं तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने भारत के अनेक प्रतिष्ठित संगीत समारोहों के साथ-साथ विदेशों में भी भारतीय शास्त्रीय संगीत का सफल प्रतिनिधित्व किया है। उनकी प्रस्तुतियों ने न केवल पारंपरिक संगीत प्रेमियों को प्रभावित किया, बल्कि युवा पीढ़ी को भी ध्रुपद संगीत की ओर आकर्षित किया है।
सम्मान की घोषणा के बाद पंडित पाठक ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके गुरुओं, परिवार तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा का सम्मान है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन ध्रुपद संगीत के संरक्षण, संवर्धन तथा भावी पीढ़ियों को इस महान परंपरा से जोड़ने के लिए समर्पित रहेगा। उन्होंने भविष्य में युवा कलाकारों के लिए संगीत शिक्षा एवं प्रशिक्षण के व्यापक प्रयास करने की भी बात कही। पंडित कृष्ण मोहन पाठक के सुपुत्र पं शैलेन्द्र कुमार पाठक भी ध्रुपद-धमार के जाने-माने गायक हैं।

