फॉण्ट कनवर्टर NEW

Advertisement
Advertisement

‘सनातन विकास’ मॉडल की जरूरत, नदी-पर्वत सम्मेलन में बोले सरयू राय

जमशेदपुर। साकची स्थित मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय नदी-पर्वत सम्मेलन शनिवार को “जमशेदपुर घोषणा पत्र” जारी होने के साथ संपन्न हो गया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा कि वर्तमान

अपनी भाषा में पढ़ें

Advertisement

जमशेदपुर। साकची स्थित मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय नदी-पर्वत सम्मेलन शनिवार को “जमशेदपुर घोषणा पत्र” जारी होने के साथ संपन्न हो गया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा कि वर्तमान विकास मॉडल विनाश की ओर बढ़ रहा है, इसलिए देश को केवल “सस्टेनेबल डेवलपमेंट” नहीं बल्कि “सनातन विकास” मॉडल अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकास ऐसा होना चाहिए जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहे और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रख सके।

सरयू राय ने कहा कि आज की व्यवस्था में पहले विकास किया जाता है और बाद में पहाड़ों तथा नदियों को बचाने की बातें होती हैं, जबकि सही दृष्टिकोण यह होना चाहिए कि पहले प्रकृति का संरक्षण हो और उसके बाद विकास की योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और विकास से जुड़े कई कानून पहले से देश में मौजूद हैं, लेकिन उनका सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नए कानून बनाए जाते हैं तो इससे आम जनता को न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का एक और अधिकार मिलेगा।

सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे मैग्सेसे पुरस्कार विजेता जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि यदि नदियों और पहाड़ों को केवल आर्थिक संसाधन मानकर उनका दोहन किया गया तो इससे प्रकृति और संस्कृति दोनों गंभीर संकट में पड़ जाएंगे। उन्होंने लोगों से पर्वत संरक्षण कानून के समर्थन में जनजागरण अभियान चलाने तथा सांसदों और विधायकों से संवाद स्थापित करने की अपील की।

सम्मेलन के दौरान “जमशेदपुर घोषणा पत्र” जारी किया गया। इसमें पर्वतीय और नदी पारितंत्रों की सुरक्षा, आदिवासी समुदायों के पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण, जलस्रोतों की रक्षा तथा “पर्वत संरक्षण अधिनियम” लाने की दिशा में देशव्यापी परामर्श चलाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के दौरान सरयू राय की पुस्तक चेंजिंग फेस ऑफ सारंडा तथा सम्मेलन स्मारिका का भी विमोचन किया गया।

कार्यक्रम में प्रो. पीयूष कांत पांडेय, प्रो. अंशुमाली, गौतम सूत्रधार, अरुण कुमार शुक्ला, संजय उपाध्याय, प्रो. एम.के. जमुआर, प्रो. गोपाल शर्मा, मनोज सिंह, डीपी शर्मा, राजेंद्र सिंह, संजीव मुखर्जी, प्रवीण सिंह, संतोष भगत, टुनटुन सिंह, नीरू सिंह, सुनीता सिंह, विनीत, निर्मल सिंह और अंशुल शरण सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram