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रांची: झारखंड को देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की कतार में खड़ा करने और निवेश की संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन लगातार प्रयासरत हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) झारखंड के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सोरेन से मुलाकात की। इस शिष्टाचार बैठक के दौरान राज्य में औद्योगिक विकास की गति तेज करने, नए निवेश को आकर्षित करने और उद्योगों के अनुकूल पारदर्शी माहौल तैयार करने को लेकर बेहद सकारात्मक और विस्तृत चर्चा हुई।
वैश्विक मंच पर चमका झारखंड, सीआईआई ने थपथपाई पीठ
मुलाकात के दौरान सीआईआई के प्रतिनिधिमंडल ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF)-2026 में झारखंड सरकार की सक्रिय व प्रभावी भागीदारी और मुख्यमंत्री की हालिया यूनाइटेड किंगडम (UK) की सफल कूटनीतिक यात्रा के लिए उन्हें बधाई दी। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने कहा कि वैश्विक मंचों पर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड ने जो मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, उससे राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक उभरते हुए ‘इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन’ के रूप में नई पहचान मिली है।
डेलिगेशन ने वैश्विक दौरों के बाद राज्य सरकार को मिले भारी-भरकम “इन्वेस्टमेंट इंटेंशन” (निवेश प्रस्तावों) की सराहना करते हुए कहा कि झारखंड में अब उद्योगों के लिए एक बेहद सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण तैयार हो चुका है। सीआईआई ने राज्य सरकार के साथ ‘नॉलेज और इंडस्ट्री पार्टनर’ के रूप में काम करने की इच्छा जताई, ताकि नई औद्योगिक नीति के निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को और मजबूती दी जा सके।
प्राकृतिक संपदा और मानव संसाधन से समृद्ध है राज्य: मुख्यमंत्री
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि दावोस और वैश्विक मंचों पर हमारी सरकार ने दुनिया को यह साफ संदेश दिया है कि झारखंड असीम संभावनाओं की भूमि है। हमारे पास न केवल प्रचुर मात्रा में खनिज और प्राकृतिक संसाधन हैं, बल्कि एक बेहद हुनरमंद और विशाल मानव संसाधन (Human Resource) भी मौजूद है। सरकार निवेशकों के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ और पारदर्शी नीतियां लागू कर उनका भरोसा जीतने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उद्योगों के साथ स्थानीय युवाओं का कल्याण सबसे जरूरी
मुख्यमंत्री ने उद्योगों की स्थापना के साथ-साथ सामाजिक सरोकार पर जोर देते हुए कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता केवल फैक्ट्रियां लगाना या निवेश लाना नहीं है। हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन उद्योगों के माध्यम से झारखंड के स्थानीय और आदिवासी युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर सम्मानजनक रोजगार के अवसर पैदा हों।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष दिलू पारिख, टाटा स्टील कॉरपोरेट सर्विस के उपाध्यक्ष डी.बी. सुंदर रमन, सीआईआई ईस्टर्न रीजन के रीजनल डायरेक्टर देव ज्योति और सीआईआई झारखंड हेड प्रभात कुमार मुख्य रूप से शामिल थे।

