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रांची। राजधानी और इसके सीमावर्ती इलाकों में बढ़ते अपराध पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए रांची पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और खौफनाक एक्शन लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन के कड़े निर्देश पर शनिवार की पूरी रात जिले भर में “ऑपरेशन प्रहार” चलाया गया। इस महा-अभियान के तहत पुलिस ने एक साथ सैकड़ों ठिकानों पर दबिश देकर 100 से अधिक कुख्यात अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। इसके साथ ही पुलिस टीमों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 220 से ज्यादा लंबे समय से लंबित पड़े अदालती वारंटों का त्वरित निष्पादन (निपटारा) भी किया।
एक साथ सड़कों पर उतरी पूरी रांची पुलिस
एसएसपी राकेश रंजन ने रविवार को इस महा-ऑपरेशन की सफलता की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, संगठित आपराधिक गिरोहों की कमर तोड़ने और फरार वारंटियों की धरपकड़ के लिए एक सीक्रेट रणनीति तैयार की गई थी। शनिवार की आधी रात को योजनाबद्ध तरीके से जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी शुरू की गई।
इस बड़े ऑपरेशन में जिले के सभी पुलिस अधीक्षक (SPs), पुलिस उपाधीक्षक (DSP), थाना प्रभारियों सहित भारी संख्या में पुलिस बल के जवान सड़कों और संदिग्ध ठिकानों पर उतरे। पुलिस की इस चौतरफा घेराबंदी के कारण अपराधियों को भागने या संभलने का मौका ही नहीं मिला।
चकमा दे रहे फरार आरोपी भी चढ़े हत्थे
इस रात भर चली बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने न सिर्फ नए मामलों के आरोपियों को दबोचा, बल्कि कई ऐसे शातिर और पेशेवर अपराधी भी पकड़े गए जो महीनों और सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर अंडरग्राउंड चल रहे थे। एसएसपी ने साफ तौर पर कहा कि इस बड़े अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में शांति व्यवस्था कायम करना और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करना था। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि रांची पुलिस की ओर से अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ इस तरह की सर्जिकल स्ट्राइक आने वाले समय में भी बिना रुके निरंतर जारी रहेगी।

