फॉण्ट कनवर्टर NEW

होर्मुज में बिछा ‘मौत का जाल’: शांति के बाद भी टला नहीं महायुद्ध का खतरा!

तेहरान, ईरान | एजेंसी ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद दुनिया ने राहत की सांस ली है, लेकिन सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से पूरी तरह सुचारु करना एक नई मुसीबत बन गया है। खुफिया रिपोर्टों के

अपनी भाषा में पढ़ें

तेहरान, ईरान | एजेंसी

ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद दुनिया ने राहत की सांस ली है, लेकिन सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से पूरी तरह सुचारु करना एक नई मुसीबत बन गया है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने इस समुद्री मार्ग में घातक ‘सी-माइंस’ (समुद्री सुरंगें) बिछा रखी हैं। हैरानी की बात यह है कि इन माइंस को बिछाने में तो कुछ हजार डॉलर का खर्च आया, लेकिन अब इन्हें ढूंढकर नष्ट करने में लाखों डॉलर और कम से कम 6 महीने से एक साल का समय लग सकता है।

Read more: होर्मुज बना दुनिया का सबसे महंगा टोल प्लाजा, ईरान वसूल रहा 168 करोड़

होर्मुज में क्यों मुश्किल है सफाई?— स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पानी का बहाव अत्यंत तेज है और इसकी गहराई हर जगह अलग-अलग है। इस कारण पानी के नीचे बिछाई गई माइंस अपनी जगह बदलती रहती हैं, जिससे उन्हें लोकेट करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। वर्तमान में केवल कुछ सौ मीटर का एक पतला गलियारा सुरक्षित है, जिसके लिए ईरान ने विशेष कोड जारी किए हैं। जब तक पूरा क्षेत्र साफ नहीं होता, तब तक अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों पर खतरा मंडराता रहेगा।

कैसे हटाई जाती हैं ये समुद्री माइंस?— इन घातक विस्फोटकों को हटाने के लिए विशेषज्ञ चार प्रमुख तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं:

  1. माइन्सवीपर जहाज: ये विशेष जहाज लकड़ी या फाइबरग्लास के बने होते हैं ताकि मैग्नेटिक माइंस इन्हें पहचान न सकें। ये पानी के नीचे जाल बिछाकर माइंस की चेन काट देते हैं, जिससे वे सतह पर आ जाती हैं।

  2. सिमुलेशन: इसमें कृत्रिम शोर या चुंबकीय क्षेत्र पैदा किया जाता है ताकि माइंस को यह भ्रम हो कि कोई जहाज गुजर रहा है, और वे खाली समंदर में ही फट जाएं।

  3. अंडरवॉटर ड्रोन और रोबोट: आधुनिक तकनीक में सोनार की मदद से रोबोट माइंस को ढूंढते हैं और रिमोट कंट्रोल के जरिए उन्हें डिफ्यूज कर देते हैं।

  4. प्रशिक्षित समुद्री जीव: अमेरिकी नेवी डॉल्फिन और सी-लायंस जैसे जानवरों का उपयोग करती है, जिनकी सुनने और महसूस करने की क्षमता मशीनों से भी तेज होती है।

समंदर के ‘शांत शिकारी’ के प्रकार— ये विस्फोटक महीनों तक पानी के नीचे छिपे रहकर किसी भी जहाज को तबाह कर सकते हैं। ये मुख्य रूप से तीन तरह के होते हैं:

Read more: होर्मुज बना जंग का अखाड़ा: अमेरिका ने तबाह किए ईरान के 16 लड़ाकू जहाज

  • कॉन्टैक्ट माइंस: जो जहाज के टकराने पर फटती हैं।

  • मैग्नेटिक माइंस: जो लोहे की मौजूदगी को महसूस कर सक्रिय होती हैं।

  • एकॉस्टिक माइंस: जो जहाज के इंजन के शोर से फट जाती हैं।

जब तक होर्मुज से इन ‘शांत शिकारियों’ का सफाया नहीं हो जाता, तब तक भारत सहित पूरी दुनिया के व्यापारिक जहाजों के लिए यह रास्ता एक बड़ा जोखिम बना रहेगा।

Read more: ईरान ने बंद किया होर्मुज का रास्ता: दुनिया में तेल का हाहाकार, ट्रंप की बढ़ी बेचैनी

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram