फॉण्ट कनवर्टर NEW

MBBS छात्रों का बदलता मिजाज: सर्जरी से ज्यादा MD मेडिसिन पर भरोसा!

Career News: मेडिकल क्षेत्र में एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिल रहा है। कल तक जिस ‘मास्टर इन सर्जरी’ (MS) को मेडिकल छात्रों की पहली पसंद माना जाता था, आज उसकी लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, टॉप

अपनी भाषा में पढ़ें

Career News: मेडिकल क्षेत्र में एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिल रहा है। कल तक जिस ‘मास्टर इन सर्जरी’ (MS) को मेडिकल छात्रों की पहली पसंद माना जाता था, आज उसकी लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, टॉप 100 नीट पीजी (NEET PG) उम्मीदवारों में से मात्र 3 ने ही सर्जरी को चुना है, जबकि साल 2021 में यह आंकड़ा 11 था। अब मेडिकल ग्रेजुएट्स सर्जरी के ऑपरेशन टेबल के बजाय ‘एमडी जनरल मेडिसिन’ (MD General Medicine) के स्टेथोस्कोप पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।

क्यों फीकी पड़ रही है सर्जरी की चमक?

रिपोर्ट्स के अनुसार, सर्जिकल ब्रांच (कार्डियोथोरेसिक, न्यूरोसर्जरी आदि) में काम का भारी बोझ, इमरजेंसी कॉल्स, मेडिको-लीगल जोखिम और निजी जीवन (Work-Life Balance) की कमी सबसे बड़ी वजहें बनकर उभरी हैं। इसके अलावा, सर्जरी में ‘इंडिपेंडेंट प्रैक्टिस’ की संभावनाएं कम हैं क्योंकि सर्जन को हमेशा बड़े अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। साथ ही, जब तक सीनियर डॉक्टर्स रिटायर नहीं होते, नए सर्जनों को अपनी जगह बनाने में लंबा इंतजार करना पड़ता है।

एआई (AI) और आधुनिक तकनीक का डर

हैरानी की बात यह है कि कभी टॉप रैंकर्स की जान माने जाने वाले रेडियोलॉजी और डर्मेटोलॉजी जैसे कोर्सेस से भी छात्रों का मोहभंग हो रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता दखल है। छात्रों को डर है कि आने वाले समय में रेडियोलॉजी का काम एआई बखूबी करने लगेगा, जिससे डॉक्टरों की जरूरत कम हो जाएगी। वहीं, डर्मेटोलॉजी में बढ़ते कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट और बाजार के दबाव ने भी रुझान बदला है।

मेडिसिन ही अब ‘सुपर पावर’

पिछले पांच सालों के पैटर्न को देखें तो करीब 44-47 फीसदी ग्रेजुएट्स अब ‘जनरल मेडिसिन’ को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसकी वजह यह है कि मेडिसिन में डॉक्टर खुद का क्लिनिक आसानी से चला सकते हैं और उन्हें हैंड्स-ऑन एक्सपीरियंस के लिए किसी सीनियर के रिटायरमेंट का उतना इंतजार नहीं करना पड़ता। कुल मिलाकर, भविष्य के डॉक्टर अब लंबी पढ़ाई और अनिश्चित भविष्य के बजाय स्थिरता और सुकून को तरजीह दे रहे हैं।

इस खबर को भी पढ़ें : सिर्फ MBA नहीं, स्पेशलाइजेशन है जरूरी; जानें किस फील्ड में है सबसे ज्यादा पैसा

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram