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महाराष्ट्र का नया डिप्टी सीएम कौन? प्रफुल्ल पटेल, तटकरे या कोई नया चेहरा; अटकलें तेज

Mumbai (Maharashtra): महाराष्ट्र की राजनीति के ‘संकटमोचक’ और दादा के नाम से मशहूर अजित पवार का जाना केवल एक व्यक्ति का अंत नहीं, बल्कि एक युग का समापन है। बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे ने न केवल एक प्रभावशाली जीवन को विराम दिया, बल्कि

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Mumbai (Maharashtra): महाराष्ट्र की राजनीति के ‘संकटमोचक’ और दादा के नाम से मशहूर अजित पवार का जाना केवल एक व्यक्ति का अंत नहीं, बल्कि एक युग का समापन है। बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे ने न केवल एक प्रभावशाली जीवन को विराम दिया, बल्कि राज्य के सत्ता समीकरणों को उस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां से भविष्य की राह धुंधली नजर आ रही है।

नया डिप्टी सीएम कौन? 41 विधायकों का क्या होगा?

वर्तमान महायुति सरकार में अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के पास 41 विधायक और आधिकारिक ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह है। उनके जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि कैबिनेट में उनकी जगह कौन लेगा?

  • क्या प्रफुल्ल पटेल या सुनील तटकरे जैसे अनुभवी नेता इस जिम्मेदारी को संभालेंगे?

  • या फिर अजित दादा के बिना ये 41 विधायक बिखर जाएंगे? राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सत्ता के नए केंद्रों की तलाश में पार्टी के भीतर एक बार फिर खींचतान शुरू हो सकती है।

सुलह की कोशिशें और शरद पवार की दुविधा

अजित पवार की मौत उस समय हुई जब उनके और चाचा शरद पवार के बीच सुलह के संकेत मिल रहे थे। हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में दोनों गुटों का साथ आना ‘पवार परिवार’ की एकजुटता की ओर इशारा कर रहा था। अब 83 साल के शरद पवार के सामने धर्मसंकट है। एक तरफ सुप्रिया सुले दिल्ली की राजनीति का चेहरा हैं, तो दूसरी तरफ अजित के बिना महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में पार्टी की पकड़ कमजोर होने का डर है।

विरासत की जंग: पार्थ, रोहित या सुनेत्रा पवार?

बारामती की विरासत को संभालना अब पवार परिवार के लिए सबसे बड़ी व्यक्तिगत और राजनीतिक चुनौती है।

  • सुनेत्रा पवार: राज्यसभा सांसद और सामाजिक कार्यों में सक्रिय सुनेत्रा पवार एक मजबूत चेहरा हो सकती हैं।

  • पार्थ और जय पवार: अजित के पुत्रों के पास अपने पिता की सहानुभूति की लहर है।

  • रोहित पवार: शरद पवार के खेमे के युवा नेता रोहित पवार के लिए भी यह खुद को साबित करने का मौका हो सकता है।

महायुति और एमवीए पर असर

अजित पवार एक ऐसे नेता थे जिन्होंने छह बार उपमुख्यमंत्री बनकर रिकॉर्ड बनाया और फडणवीस से लेकर ठाकरे तक, हर मुख्यमंत्री के साथ खुद को फिट किया। उनकी अनुपस्थिति का असर बीजेपी और शिंदे सेना के गठबंधन (महायुति) पर भी पड़ेगा। यदि एनसीपी के दोनों गुट फिर से एक होते हैं, तो महाराष्ट्र की पूरी राजनीतिक दिशा बदल सकती है। फिलहाल, बारामती और मुंबई की नजरें ‘सिल्वर ओक’ (शरद पवार का निवास) पर टिकी हैं कि वहां से क्या संदेश निकलता है।

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