Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»World»झुलसाती गर्मी, बाढ़ और बर्फबारी… 2025 ने धरती को क्यों हिला दिया?
World

झुलसाती गर्मी, बाढ़ और बर्फबारी… 2025 ने धरती को क्यों हिला दिया?

By Samsul HaqueJanuary 16, 20262 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

World News: साल 2025 दुनिया के लिए मौसम की चरम घटनाओं का प्रतीक बनकर सामने आया है। कहीं रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया, तो कहीं मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। साल के आखिर में रूस की राजधानी मॉस्को में 146 साल का रिकॉर्ड तोड़ने वाली बर्फबारी ने यह साफ कर दिया कि धरती की जलवायु व्यवस्था में असंतुलन अब नजरअंदाज करने लायक नहीं रहा।

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने पुष्टि की है कि 2025 अब तक के सबसे गर्म वर्षों में से एक रहा। संगठन के अनुसार, वैश्विक तापमान में लंबे समय से जारी बढ़ोतरी की प्रवृत्ति लगातार बनी हुई है। 2015 से 2025 तक के पिछले 11 साल रिकॉर्ड में दर्ज सबसे गर्म 11 साल साबित हुए हैं।

इस खबर को भी पढ़ें : कुदरत के आगे बेबस हुई दुनिया; जाते-जाते 2025 ने दिया 10.8 लाख करोड़ का जख्म

डब्ल्यूएमओ के आठ वैश्विक तापमान डेटासेट के संयुक्त विश्लेषण से पता चला है कि 2025 में औसत वैश्विक सतही तापमान, औद्योगिक-पूर्व काल (1850–1900) के मुकाबले 1.44 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। दो डेटासेट में 2025 को अब तक का दूसरा सबसे गर्म साल बताया गया, जबकि छह डेटासेट में इसे तीसरा सबसे गर्म साल माना गया। 2023, 2024 और 2025—तीनों ही साल सभी रिकॉर्ड्स में सबसे गर्म वर्षों की सूची में शामिल हैं।

डब्ल्यूएमओ की महासचिव सेलेस्ट साउलो ने कहा कि वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों का लगातार जमा होना इस स्थिति का मुख्य कारण है। बढ़ते तापमान के चलते हीटवेव, अत्यधिक बारिश और तीव्र उष्णकटिबंधीय चक्रवात जैसी घटनाएं और ज्यादा खतरनाक हो रही हैं। ऐसे में समय रहते चेतावनी देने वाली प्रणालियों और वैश्विक सहयोग की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।

महासागरों की स्थिति भी चिंताजनक है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, वैश्विक ऊष्मीकरण से पैदा होने वाली लगभग 90 प्रतिशत अतिरिक्त गर्मी महासागरों में जमा हो रही है। 2024 से 2025 के बीच महासागरों की ऊपरी परत में ऊष्मा सामग्री में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ये आंकड़े साफ संकेत हैं कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य का खतरा नहीं, बल्कि वर्तमान की सच्चाई बन चुका है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

विश्व जनसंख्या दिवस: 8 अरब से पार पहुंची वैश्विक आबादी, लैंगिक समानता और मानव अधिकारों का बड़ा सवाल

July 11, 2026

चीन की जूता फैक्ट्री में आग: 28 लोगों की मौ’त, मालिक हिरासत में, जांच जारी

July 10, 2026

अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त हुआ K2 एयरवेज का कार्गो विमान; मलबा बरामद

July 9, 2026

RECENT ADDA.

रांची के 115 राशन कार्डधारियों से वसूले जाएंगे 3.5 करोड़ रुपये

July 12, 2026

कांके प्राचीन शिव मंदिर में शिवलिंग क्षतिग्रस्त, जांच में जुटी पुलिस

July 12, 2026

हैमस्ट्रिंग चोट से टीम इंडिया को झटका, हर्षित-वरुण बाहर; नई टीम घोषित

July 12, 2026

एक्स्ट्रा टाइम में गरजा अर्जेंटीना, स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में पहुंचा

July 12, 2026

नवादा में गैस सिलेंडर से लगी भीषण आग, लाखों की संपत्ति जलकर राख

July 12, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.