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Karnataka Bus Accident: नेशनल हाईवे पर जिंदा जले 6 लोग; अब बस चालक की भी गई जान

India News: नेशनल हाईवे 48 (Karnataka Bus Accident) पर गुरुवार को हुई उस खौफनाक बस दुर्घटना ने शुक्रवार को एक और बलि ले ली। चित्रदुर्ग के गोरलट्टू क्रॉस पर हुए इस भीषण अग्निकांड में मरने वालों की संख्या अब बढ़कर सात हो गई है। हुबली

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India News: नेशनल हाईवे 48 (Karnataka Bus Accident) पर गुरुवार को हुई उस खौफनाक बस दुर्घटना ने शुक्रवार को एक और बलि ले ली। चित्रदुर्ग के गोरलट्टू क्रॉस पर हुए इस भीषण अग्निकांड में मरने वालों की संख्या अब बढ़कर सात हो गई है। हुबली के केआईएमएस अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे बस ड्राइवर मोहम्मद रफीक (42 वर्ष) ने शुक्रवार तड़के इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। रफीक ने अस्पताल में अपनी आखिरी बातचीत में उस भयावह पल को याद करते हुए बताया था कि कैसे एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक डिवाइडर तोड़कर उनकी बस से टकरा गया था।

फ्यूल टैंक से टकराया ट्रक और बन गई ‘अग्नि-समाधि’; नींद में ही खाक हो गए यात्री

आईजीपी बीआर रविकांत गौड़ा के मुताबिक, यह हादसा सुबह करीब 2 बजे हुआ जब यात्री गहरी नींद में थे। उत्तर प्रदेश के कुलदीप यादव द्वारा चलाया जा रहा कंटेनर ट्रक बेकाबू होकर डिवाइडर पार कर गया और सीधे प्राइवेट स्लीपर बस के फ्यूल टैंक से जा टकराया। टक्कर होते ही डीजल लीक हुआ और बस एक आग के गोले में तब्दील हो गई। जो यात्री जाग रहे थे, वे खिड़कियों से कूदकर जान बचाने में सफल रहे, लेकिन जो गहरी नींद में थे, उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे बस के भीतर ही जिंदा जल गए।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर से लेकर 5 साल की मासूम तक; उजड़ गए कई हंसते-खेलते परिवार

इस हादसे ने कई होनहार युवाओं और मासूमों को लील लिया है। मृतकों में बेंगलुरु की सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल नव्या (26), मानसा (27) और रश्मि (22) शामिल हैं, जो अपने करियर की ऊंचाइयों पर थीं। वहीं, बेंगलुरु के गिरिनगर की रहने वाली बिंदु और उनकी 5 साल की मासूम बेटी ग्रेया की मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। ट्रक ड्राइवर कुलदीप यादव की भी इस भिड़ंत में मौत हो गई है। बस के भीतर से बरामद शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि अब डीएनए टेस्ट के जरिए ही उनकी पहचान की पुष्टि कर अवशेष परिजनों को सौंपे जाएंगे।

ड्राइवर रफीक की आखिरी दास्तान: “मैंने कंट्रोल की कोशिश की, पर सब खत्म हो गया”

दम तोड़ने से पहले ड्राइवर मोहम्मद रफीक ने बताया था कि उनकी रफ्तार सामान्य थी, लेकिन ट्रक की टक्कर इतनी जोरदार थी कि वे अपने असिस्टेंट के साथ बस से बाहर गिर गए। उन्हें बस इतना याद था कि वे गाड़ी को साइड करने की कोशिश कर रहे थे, तभी सब धुंधला हो गया। फिलहाल, एक अन्य यात्री मंजूनाथ की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज बेंगलुरु के बर्न वार्ड में चल रहा है। पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए हड्डियों के सैंपल भेज दिए हैं और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट आने की उम्मीद है।

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