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चाईबासा में ‘आग’ ने ली नवविवाहिता की जान; 5 महीने पहले घर आई थी खुशियां!

Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम के खूंटपानी प्रखंड स्थित पांड्राशाली गांव में क्रिसमस की सुबह खुशियों के बजाय मातम लेकर आई। महज़ पांच महीने पहले जिस घर में शहनाइयां गूंजी थीं, आज वहां चीख-पुकार मची है। 34 वर्षीय नवविवाहिता सुनीता पूर्ति की अलाव तापने के दौरान

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Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम के खूंटपानी प्रखंड स्थित पांड्राशाली गांव में क्रिसमस की सुबह खुशियों के बजाय मातम लेकर आई। महज़ पांच महीने पहले जिस घर में शहनाइयां गूंजी थीं, आज वहां चीख-पुकार मची है। 34 वर्षीय नवविवाहिता सुनीता पूर्ति की अलाव तापने के दौरान लगी आग से झुलसकर मौत हो गई। गुरुवार तड़के करीब 4:00 बजे सदर अस्पताल चाईबासा में इलाज के दौरान उसने अंतिम सांस ली।

पति गया था अंतिम संस्कार में, पीछे से घट गई अनहोनी

घटना बीते रविवार की शाम करीब 4:00 बजे की है। सुनीता के पति विक्रम पूर्ति परिवार के एक बुजुर्ग के निधन के बाद शव को दफनाने कब्रिस्तान गए थे। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए सुनीता घर में अन्य महिलाओं के साथ अलाव ताप रही थी। इसी बीच अचानक उसकी साड़ी ने आग पकड़ ली। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घबराहट में सुनीता इधर-उधर भागने लगी, जिससे आग और तेजी से भड़क उठी और वह बुरी तरह झुलस गई।

आर्थिक तंगी बनी काल; जमशेदपुर रेफर होने के बाद भी नहीं जा सका परिवार

परिजनों ने आनन-फानन में उसे चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे 80 प्रतिशत तक झुलसा हुआ बताया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत जमशेदपुर रेफर कर दिया था। लेकिन गरीबी और आर्थिक तंगी ऐसी थी कि परिजनों के पास जमशेदपुर ले जाने के पैसे नहीं थे। मजबूरी में उसे सदर अस्पताल में ही रखा गया, जहां उसने चार दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ी और आखिरकार दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की गुहार लगाई है।

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