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बड़ी राहत! अस्पतालों की मनमानी खत्म, बिना डोनर देना होगा मरीज को खून

Ranchi News: झारखंड के मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए आज का दिन खुशियों भरा संदेश लेकर आया है। अक्सर देखा जाता है कि जब कोई अपना अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा होता है, तब अस्पताल प्रशासन की ओर से ‘खून

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Ranchi News: झारखंड के मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए आज का दिन खुशियों भरा संदेश लेकर आया है। अक्सर देखा जाता है कि जब कोई अपना अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा होता है, तब अस्पताल प्रशासन की ओर से ‘खून के बदले खून’ लाने का दबाव बनाया जाता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। झारखंड हाईकोर्ट ने एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि अस्पतालों को अब बिना किसी डोनर की शर्त के जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराना होगा।

अस्पताल और ब्लड बैंक की जिम्मेदारी तय, दबाव बनाना होगा अपराध

माननीय हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा है कि किसी भी परिस्थिति में मरीज के परिजनों पर डोनर लाने का मानसिक या कानूनी दबाव बनाना गलत है। रक्त उपलब्ध कराना सीधे तौर पर अस्पताल और संबंधित ब्लड बैंक की संवैधानिक जिम्मेदारी है। कोर्ट ने यह भी कड़ा निर्देश दिया है कि यदि कोई अस्पताल इस आदेश की अवहेलना करता है या मरीज को खून देने से मना करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह फैसला उन हजारों परिवारों के लिए संजीवनी है जो आपात स्थिति में डोनर की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर होते थे।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत; अब डोनर के नाम पर नहीं होगी वसूली

अदालत के इस जजमेंट के बाद अब राज्य में ‘ब्लड सिंडिकेट’ पर भी लगाम लगने की उम्मीद है। अक्सर डोनर न मिलने की स्थिति में लोग ऊंचे दामों पर खून खरीदने को मजबूर होते थे। हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। अब मरीजों को अस्पताल के स्टॉक से ही प्राथमिकता के आधार पर खून मुहैया कराया जाएगा। यह फैसला न केवल झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को पारदर्शी बनाएगा, बल्कि आम आदमी के इलाज के अधिकार को और भी मजबूती प्रदान करेगा।

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