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पूजा पंडालों में आपदा से निपटने के लिए किया गया मॉक ड्रिल अभ्यास, …जानें कहां

Bokaro News: बोकारो में दुर्गा पूजा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में हर साल भारी भीड़ उमड़ती है और इस दौरान किसी भी तरह की आपदा से लोग कैसे सुरक्षित रहें, यह सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को उपायुक्त अजय नाथ झा के निर्देश पर बोकारो

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Bokaro News: बोकारो में दुर्गा पूजा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में हर साल भारी भीड़ उमड़ती है और इस दौरान किसी भी तरह की आपदा से लोग कैसे सुरक्षित रहें, यह सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को उपायुक्त अजय नाथ झा के निर्देश पर बोकारो में विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की गई। सेक्टर–2/C और सेक्टर–9 वैशाली मोड़ स्थित पूजा पंडालों में जिला आपदा प्रबंधन टीम और अग्निशमन विभाग की नेतृत्वकारी भूमिका में इस अभ्यास को किया गया।

आग से निपटने का अभ्यास

सेक्टर–2/C पंडाल में जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी शक्ति कुमार और सेक्टर–9 वैशाली मोड़ पर कार्यपालक दंडाधिकारी चास जया कुमारी ने मॉक ड्रिल का संचालन किया। इस दौरान अग्निशामकों की टीम ने लाइव डेमो के जरिए दिखाया कि आग लगने की स्थिति में लोगों को घबराने की बजाय तुरंत अग्निशमन उपकरण का सही इस्तेमाल करना कितना जरूरी है। उन्होंने मौके पर सिलेंडर और पाइप आधारित उपकरणों का प्रयोग दिखाया और आग बुझाने की तकनीक समझाई।

भीड़ से सुरक्षित निकालने का प्रदर्शन

मॉक ड्रिल के दौरान यह भी दिखाया गया कि अगर पूजा के समय भीड़ में भगदड़ जैसी स्थिति बन जाए तो लोगों को सुरक्षित बाहर कैसे निकाला जा सकता है। साथ ही घायल व्यक्ति को स्ट्रेचर पर रखकर अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाने का भी अभ्यास कराया गया।

CPR तकनीक से बचाई गई जिंदगी

इस अभ्यास में नागरिक सुरक्षा टीम ने CPR तकनीक का प्रदर्शन किया। टूम्पा कुमारी और डॉ करण ने डेमो के माध्यम से एक व्यक्ति अश्विनी झा को अचेतावस्था से होश में लाने का अभ्यास कर दिखाया। इसके बाद डॉ एसपी वर्मा ने लोगों को विस्तार से समझाया कि अगर मरीज बेहोश हो और नब्ज चल रही हो तो घबराना नहीं चाहिए। मरीज के दोनों पैरों को हृदय के स्तर से ऊपर उठा देना चाहिए, चेहरे पर पानी के छींटे मारने चाहिए और फिर रोगी को रिकवरी पोजीशन में रखना चाहिए।

स्ट्रेचर बनाने का अनोखा तरीका

घायल व्यक्तियों को ले जाने के लिए मौके पर डॉ एसपी वर्मा ने दो लाठी और कंबल से अस्थायी स्ट्रेचर (शय्या) बनाने की तकनीक भी बताई और इसका प्रदर्शन किया। इसके जरिए लोगों को सिखाया गया कि किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में साधारण साधनों का उपयोग करके भी राहत कार्य को अंजाम दिया जा सकता है।

प्रशासन का प्रयास, सुरक्षा सर्वोपरि

इस मॉक ड्रिल में प्रशासनिक पदाधिकारी, अग्निशमन विभाग के कर्मचारी, पूजा पंडाल आयोजक समिति के सदस्य और नागरिक सुरक्षा टीम के सैकड़ों लोग मौजूद थे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शक्ति कुमार ने कहा कि ऐसे अभ्यास का मुख्य उद्देश्य यह है कि आमजन आपदा के समय घबराने के बजाय धैर्य बनाए रखें और प्रशिक्षित तकनीकों से स्थिति संभालें। उन्होंने कहा कि प्रशासन आने वाले दिनों में भी लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से कम से कम नुकसान हो।

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