Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»World»ईरान में गृह युद्ध जैसे हालात न बने इसलिए “हिजाब कानून” ठंडे बस्ते में डाला
World

ईरान में गृह युद्ध जैसे हालात न बने इसलिए “हिजाब कानून” ठंडे बस्ते में डाला

ईरान में हिजाब कानून को लागू न करने का बड़ा फैसला सामने आया है। राष्ट्रपति ने चेताया कि ऐसा करने से समाज में गृह युद्ध जैसे हालात पैदा हो सकते थे।
By Samsul HaqueSeptember 1, 20252 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

World News: ईरान में हिजाब को लेकर लंबे समय से विवाद चलता आ रहा है, लेकिन इस बार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने साफ कर दिया कि सख्त हिजाब कानून फिलहाल लागू नहीं होगा, क्योंकि इससे देश में अशांति और गृह युद्ध जैसी स्थिति बन सकती थी। उन्होंने कहा कि यह कानून समाज को टकराव की ओर धकेल देता और राष्ट्रीय विवाद खड़ा कर देता।

राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने इंटरव्यू में कहा, “मेरे परिवार की महिलाएं हिजाब पहनती हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि जो महिला हिजाब नहीं पहनती, वह बुरी इंसान है।” उनका मानना है कि हिजाब व्यक्तिगत आस्था और विश्वास का मामला है, इसे जबरन लागू करना समाज को बांट सकता है।

दरअसल, 2022 में महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। लाखों महिलाएं और युवा सड़कों पर उतर आए थे और हिजाब कानून के खिलाफ आवाज़ बुलंद की थी। इसके बाद 2023 में संसद ने कठोर हिजाब कानून पास किया, जिसमें बिना हिजाब दिखने वाली महिलाओं पर भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान था। साथ ही, ऐसे दुकानदारों और संस्थानों पर भी कार्रवाई होनी थी जो बिना हिजाब वाली महिलाओं को सेवाएं देते।

हालांकि राष्ट्रपति ने इस कानून को लागू करने से रोक दिया। उनका कहना है कि विरोधी ताकतें, खासकर इज़रायल, चाह रही थीं कि कानून लागू होते ही लोग सड़कों पर उतर आएं और हालात बिगड़ जाएं। लेकिन सरकार ने यह जोखिम नहीं लिया और हालात नियंत्रण में रहे।

अब राष्ट्रपति के बयान के बाद ईरान में महिलाओं की स्वतंत्रता और परंपरागत मूल्यों पर नई बहस छिड़ गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस फैसले को लेकर गहरी नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि ईरान महिला अधिकारों को प्राथमिकता देता है या फिर भविष्य में सख्त हिजाब कानून को दोबारा लागू करने का प्रयास करता है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

विश्व जनसंख्या दिवस: 8 अरब से पार पहुंची वैश्विक आबादी, लैंगिक समानता और मानव अधिकारों का बड़ा सवाल

July 11, 2026

चीन की जूता फैक्ट्री में आग: 28 लोगों की मौ’त, मालिक हिरासत में, जांच जारी

July 10, 2026

अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त हुआ K2 एयरवेज का कार्गो विमान; मलबा बरामद

July 9, 2026

RECENT ADDA.

हैमस्ट्रिंग चोट से टीम इंडिया को झटका, हर्षित-वरुण बाहर; नई टीम घोषित

July 12, 2026

एक्स्ट्रा टाइम में गरजा अर्जेंटीना, स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में पहुंचा

July 12, 2026

नवादा में गैस सिलेंडर से लगी भीषण आग, लाखों की संपत्ति जलकर राख

July 12, 2026

डुमरांव स्टेशन पर रेलवे का अजब काम, सड़क काटकर बन रही सीवरेज नाली

July 12, 2026

भागलपुर में जनाजे के दौरान बड़ा हादसा, हाई टेंशन तार की चपेट में आए 6 लोग

July 12, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.