Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»India»स्कूली बच्चों में आत्महत्या क्यों बढ़ रही है? चौंकाने वाली सच्चाई!
India

स्कूली बच्चों में आत्महत्या क्यों बढ़ रही है? चौंकाने वाली सच्चाई!

देश में स्कूली बच्चों द्वारा आत्महत्या के मामलों में खतरनाक बढ़ोतरी देखी जा रही है। विशेषज्ञ इसके पीछे इंटरनेट की लत, स्क्रीन टाइम और अभिभावकों से दूरी को अहम वजह मान रहे हैं। एनसीआरबी आंकड़े बताते हैं कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेने का समय आ गया है।
By Samsul HaqueAugust 2, 20252 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

India News: हाल के वर्षों में बच्चों में आत्महत्या के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है। मामले से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य में गिरावट के कई संकेत होते हैं, जिन्हें समय रहते पहचाना बेहद जरूरी होता है। अहमदाबाद में 16 वर्षीय छात्रा की स्कूल की चौथी मंजिल से छलांग लगाने की घटना और लखनऊ में 14 साल के छात्र द्वारा आत्महत्या जैसे हालिया मामले गंभीर स्थिति को उजागर करते हैं।

मनोचिकित्सकों का मानना हैं कि तकनीक और इंटरनेट की बढ़ती पकड़ ने बच्चों की मानसिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित किया है। कोरोना काल के बाद मोबाइल और गैजेट्स बच्चों की जिंदगी का हिस्सा बने हैं, इससे उनका सामाजिक जुड़ाव और भावनात्मक बुद्धिमत्ता कमजोर हुई है। आज के बच्चे सीखने और खेलने की बजाय डिजिटल दुनिया में जी रहे हैं, जहां हर जवाब उन्हें एक बटन दबाकर मिल जाता है।

जानकार मानते हैं कि बच्चों पर निगरानी की कमी, अत्यधिक स्क्रीन टाइम और अवास्तविक अपेक्षाओं ने उन्हें संवेदनशील बना दिया है। बच्चे छोटी बातों पर तीव्र प्रतिक्रिया देते हैं और जब उनकी अपेक्षाएं पूरी नहीं होतीं, तब निराशा और तनाव उन्हें आत्मघाती कदम उठाने तक ले जाता है।

एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि 2001 में जहां 5,425 बच्चों ने आत्महत्या की, वहीं 2022 तक यह संख्या 13,044 तक पहुंच गई। इसमें से कई बच्चे परीक्षा में असफलता, सामाजिक दबाव, अकेलापन और अभिभावकों से भावनात्मक दूरी के कारण इस रास्ते पर चले गए।

विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चों की दिनचर्या में बदलाव, चुप्पी, गुस्सा, नींद की गड़बड़ी, या आत्मघाती विचार जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के साथ समय बिताएं, उनके व्यवहार में बदलाव को समझें और रचनात्मक गतिविधियों से उन्हें तकनीक से दूर रखें। बच्चों को बचाने का सबसे पहला कदम है – उन्हें समझना और साथ देना।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

बाल सांसदों ने किया थाना भ्रमण, पुलिस ने दोस्त बनकर दूर किया डर

July 11, 2026

विश्व जनसंख्या दिवस: 8 अरब से पार पहुंची वैश्विक आबादी, लैंगिक समानता और मानव अधिकारों का बड़ा सवाल

July 11, 2026

विश्व जनसंख्या दिवस पर परिवार स्वास्थ्य मेला, परिवार नियोजन पर दिया गया जोर

July 11, 2026

RECENT ADDA.

चतरा पुलिस के हत्थे चढ़ा प्रिंस खान गिरोह का अपराधी, टेक्निकल सेल ने किया बड़ा खुलासा चतरा पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर प्रिंस खान गिरोह से जुड़े एक अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से गिरोह के लिए रंगदारी, धमकी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था। उसकी गिरफ्तारी के बाद कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस की टेक्निकल सेल द्वारा किए गए अनुसंधान में खुलासा हुआ है कि कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान फिलहाल दुबई में छिपा हुआ है और वहीं से अपने गिरोह का संचालन कर रहा है। बताया जा रहा है कि वह इंटरनेट कॉलिंग और सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों का इस्तेमाल कर अपने गुर्गों के संपर्क में रहता है तथा रंगदारी व आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के निर्देश देता है। गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के आर्थिक नेटवर्क और स्थानीय सहयोगियों की भी जांच की जा रही है। चतरा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में संगठित अपराध, रंगदारी और अपराधियों के नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से प्रिंस खान गिरोह की गतिविधियों पर प्रभाव पड़ेगा और आने वाले दिनों में इस मामले में कई अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को रंगदारी, धमकी या गिरोह से संबंधित कोई जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही ह।

July 12, 2026

विस्थापितों के अधिकार और न्याय के लिए राज्यव्यापी आंदोलन चलाएगी लोकहित अधिकार पार्टी

July 11, 2026

हवाला नेटवर्क के जरिए शूटरों को फंडिंग करने वाले दो शातिर गिरफ्तार

July 11, 2026

14 जुलाई को सभी बूथों पर चुनाव पाठशाला और बीएलओ-बीएलए की संयुक्त बैठक

July 11, 2026

रांची नगर निगम की बैठक में 25 प्रस्तावों पर लगी मुहर, पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की मांग

July 11, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.