World News: काहिरा की एक महिला जब नियमित जांच के लिए अस्पताल पहुंची, तो डॉक्टरों को बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि आगे उन्हें क्या देखने को मिलने वाला है। जैसे ही अल्ट्रासाउंड स्क्रीन पर तस्वीरें उभरीं, अस्पताल का पूरा स्टाफ कुछ मिनटों तक स्तब्ध रह गया। महिला के गर्भ में एक या दो नहीं, बल्कि एक साथ नौ भ्रूण दिखाई दे रहे थे। यह दृश्य इतना अविश्वसनीय था कि कई डॉक्टरों ने कहा—अपने पूरे करियर में उन्होंने ऐसा मामला सिर्फ किताबों में पढ़ा था।

महिला और उनके परिवार को भरोसा ही नहीं हुआ कि ऐसा भी संभव हो सकता है। डॉक्टरों ने लगातार दोबारा जांच की ताकि वे सुनिश्चित हो सकें कि मशीन में कोई त्रुटि या गड़बड़ी नहीं है। लेकिन हर बार नतीजा वही निकला—महिला की कोख में नौ जीवन एक साथ पल रहे थे।

दुर्लभ केस, डॉक्टर बोले—मां व बच्चों दोनों के लिए जोखिम”

स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. वाइल अल-बन्नो के अनुसार, यह मामला मेडिकल साइंस में मिलने वाले सबसे दुर्लभ मामलों में से है। उन्होंने बताया कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की मदद से ऐसे मामलों में भ्रूणों की संख्या को कम किया जाता है, ताकि मां पर जोखिम कम रहे और बाकी भ्रूण स्वस्थ तरीके से विकसित हो सकें। इस प्रक्रिया को सेलेक्टिव फीटस रिडक्शन कहा जाता है।

डॉक्टरों का मानना है कि इस तरह की गर्भावस्था अक्सर तब होती है जब महिला किसी फर्टिलिटी मेडिसिन या ओवरी को अत्यधिक उत्तेजित करने वाली दवाओं का उपयोग कर रही होती है। इन दवाओं की वजह से कई बार एक ही माहवारी चक्र में 10 से 20 अंडे तक रिलीज हो जाते हैं, जिससे एक साथ कई भ्रूण बनने की संभावना बढ़ जाती है।

इस केस में महिला की सेहत को लेकर डॉक्टर बेहद सतर्क हैं। नौ भ्रूणों का विकास एक साथ होना महिला की बॉडी पर असाधारण दबाव डालता है। ऐसे मामलों में प्रीमेच्योर डिलीवरी, ब्लड प्रेशर, इंफेक्शन और कई तरह की अन्य जटिलताओं का खतरा रहता है। इसलिए डॉक्टरों की टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है और परिवार को हर जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

डॉक्टरों के अनुसार, यह मामला सिर्फ एक मेडिकल रहस्य नहीं बल्कि इंसानी शरीर की क्षमता का एक अनोखा उदाहरण भी है। मामले की जानकारी फैलते ही अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे और सोशल मीडिया पर भी यह घटना तेजी से वायरल हो गई।

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