रांची। 61 दिनों तक अनिश्चितता, डर और इंतजार झेलने के बाद आखिरकार 12 वर्षीय कन्हैया अपनी मां से मिल गया। यह भावुक पल उस समय देखने को मिला, जब ग्रामीण एसपी प्रवीण के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने कन्हैया को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया। बेटे को सामने देख मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े, वहीं परिवार ने राहत की सांस ली।
कन्हैया 22 नवंबर को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्र से लेकर अन्य जिलों और राज्यों तक उसकी तलाश जारी रही। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम का गठन किया और लगातार तकनीकी साक्ष्यों, मानवीय सूचनाओं और जमीनी छानबीन के आधार पर अभियान चलाया।
रांची के एसएसपी राकेश रंजन स्वयं पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे थे। उनकी सतत मॉनिटरिंग और टीम की मेहनत रंग लाई और 61वें दिन कन्हैया को सुरक्षित खोज निकाला गया। बच्चे के सुरक्षित मिलने की खबर जैसे ही परिवार को मिली, घर में खुशी का माहौल बन गया।
कन्हैया का अपनी मां से मिलन न सिर्फ एक परिवार की जीत है, बल्कि यह पुलिस की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का भी उदाहरण है। ग्रामीण एसपी प्रवीण ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह के मामलों में किसी भी कीमत पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।



