Hazaribagh: विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) ने विद्यार्थियों के लिए एक नई शैक्षणिक पहल करते हुए बायोटेक्नोलॉजी विभाग में चार वर्षीय बीएससी (ऑनर्स) एवं ऑनर्स विद रिसर्च पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कोर्स शैक्षणिक सत्र 2026 से संचालित होगा और आधुनिक शिक्षा तथा शोध की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, जीव विज्ञान, भौतिकी और रसायन विज्ञान विषयों के साथ इंटरमीडिएट (10+2) उत्तीर्ण विद्यार्थी इस पाठ्यक्रम में नामांकन के लिए 31 जुलाई 2026 तक चांसलर पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा के प्रयासों से इस आधुनिक पाठ्यक्रम को शुरू करने की मंजूरी मिली है। बायोटेक्नोलॉजी विभाग के निदेशक एवं विश्वविद्यालय के नामांकन कोषांग के नोडल पदाधिकारी डॉ. इंद्रजीत कुमार ने बताया कि नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप उच्च शिक्षा में शोध, नवाचार और कौशल आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

उन्होंने कहा कि नया पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करेगा। कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों के लिए बायोटेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य विज्ञान, कृषि, औषधि, पर्यावरण संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार और उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

डॉ. इंद्रजीत कुमार ने बताया कि कुलपति की यह पहल विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा और शोध के लिए सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भविष्य में इसी विभाग में एक वर्षीय और दो वर्षीय स्नातकोत्तर (PG) बायोटेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम भी शुरू करने की योजना है।

विश्वविद्यालय ने इच्छुक विद्यार्थियों से समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है। ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

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