रांची: झारखंड के ग्रामीण युवाओं और किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़कर स्वरोजगार के नए अवसर देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रांची जिला अंतर्गत सिल्ली स्थित रूडसेट संस्थान (RUDSETI) द्वारा आयोजित 13 दिवसीय “कमर्शियल हॉर्टीकल्चर” (व्यावसायिक बागवानी) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस विशेष रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और कृषकों को उन्नत बागवानी तकनीकों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है।
संस्थान द्वारा संचालित इस 13 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के कुल 25 प्रशिक्षुओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और बागवानी के क्षेत्र में सफलता के गुर सीखे। प्रशिक्षण अवधि के दौरान इन सभी प्रतिभागियों को पारंपरिक खेती से हटकर व्यावसायिक लाभ कमाने के लिए फल, उन्नत सब्जी और पुष्प (फूल) उत्पादन की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही नर्सरी प्रबंधन, आधुनिक पौध रोपण तकनीक, जैविक खेती (ऑर्गेनिक फार्मिंग), वैज्ञानिक तरीके से उर्वरक एवं कीट प्रबंधन तथा सिंचाई प्रबंधन के बारे में सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करने के लिए संरक्षित खेती (प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन/पॉलीहाउस तकनीक) और फसल कटाई के उपरांत होने वाले नुकसान से बचने के लिए ‘पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट’ का व्यावहारिक अनुभव भी कराया गया। इससे युवाओं में खुद का कृषि व्यवसाय या उद्यम स्थापित करने के प्रति भारी आत्मविश्वास देखा जा रहा है।
कृषि कौशल के अलावा, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि इसमें युवाओं को सफल बिजनेसमैन बनाने के सत्र भी शामिल किए गए। विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षुओं को उद्यमिता विकास (Entrepreneurship Development), प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करना, सरकारी बैंक ऋण योजनाएं, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल भुगतान प्रणाली और विपणन (मार्केटिंग) प्रबंधन से संबंधित विशेष जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम के समापन समारोह में रांची जिला के जिला परियोजना प्रबंधक (DPM) अभिषेक चंद और जिला प्रबंधक – उद्यमिता प्रोत्साहन (DM-EP) प्रमोद कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी 25 सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र सौंपे और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए जल्द से जल्द अपना उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया। रूडसेट संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में भी ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार के लिए ऐसे कई अन्य रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।



