East Godavari: आंध्र प्रदेश में एक दर्दनाक घटना ने खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है। जिले में मिलावटी दूध पीने से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन मरीजों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। लालाचेरुवु, चौदेस्वरनगर और स्वरूपनगर जैसे इलाकों में फरवरी के मध्य से ही लोगों के बीमार पड़ने के मामले सामने आने लगे थे। पीड़ितों में उल्टी, तेज पेट दर्द, पेशाब रुकना और किडनी फेलियर जैसे खतरनाक लक्षण देखे गए।

जांच में सामने आया कि नरसापुरम गांव की एक स्थानीय डेयरी यूनिट से सप्लाई किए गए दूध में एथिलीन ग्लाइकॉल नामक जहरीला रसायन मिला हुआ था। यह पदार्थ आमतौर पर एंटी-फ्रीज में इस्तेमाल होता है और मानव शरीर के लिए बेहद घातक माना जाता है। इस जहरीले दूध के सेवन से 100 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। कई मरीजों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें डायलिसिस और वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ी।

स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह भी पाया गया कि पीड़ितों के शरीर में ब्लड यूरिया और सीरम क्रिएटिनिन का स्तर असामान्य रूप से बढ़ा हुआ था, जो किडनी को गंभीर नुकसान का संकेत है। घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत दूध की सप्लाई पर रोक लगा दी और प्रभावित इलाकों में घर-घर सर्वे शुरू किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए संदिग्ध दूध विक्रेता को गिरफ्तार कर लिया गया है। फूड सेफ्टी विभाग ने डेयरी यूनिट से दूध, दही, घी और पानी के नमूने लिए हैं, जबकि पशुपालन विभाग ने चारे और पानी की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

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