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रांची। 61 दिनों से लापता 12 वर्षीय कन्हैया कुमार को आखिरकार सकुशल बरामद कर लिया गया है। कन्हैया को कोडरमा जिले से बरामद किया गया, जहां उसे छिपाकर रखा गया था। इस पूरे अभियान की निगरानी खुद रांची के एसएसपी राकेश रंजन कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, कन्हैया कुमार 22 नवंबर 2025 की शाम ओरमांझी थाना क्षेत्र से लापता हो गया था। वह रोज की तरह स्कूल के पास बच्चों के साथ फुटबॉल खेलने गया था। लौटते समय वह ममता मार्केट पहुंचा, जहां उसकी मां फुचका बेचती हैं। वहां उसने खुद चाट बनाकर मां को खिलाया और थोड़ी देर में लौटने की बात कहकर निकला, लेकिन फिर वापस नहीं आया।
परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। कन्हैया का परिवार बेहद साधारण और संघर्षपूर्ण जीवन जी रहा है। पिता अर्जुन साव शारीरिक रूप से असमर्थ हैं। बड़ा भाई कृष्णा कुमार, जिसकी उम्र 19 वर्ष है, एक किडनी खराब होने के कारण गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। बहन शिवानी कुमारी परिवार की एकमात्र बेटी है। कन्हैया कक्षा तीन का छात्र था और शाम में मां की फुचका दुकान पर हाथ भी बंटाता था।
कन्हैया की तलाश के लिए रांची पुलिस ने एसआईटी का गठन किया था, जो सात राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान एसएसपी को गुप्त सूचना मिली कि बच्चे को कोडरमा में रखा गया है। तत्परता दिखाते हुए रांची पुलिस ने कोडरमा पुलिस के सहयोग से कन्हैया को सुरक्षित बरामद कर लिया।
गौरतलब है कि हाल ही में रांची पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का भी पर्दाफाश किया है। यह गिरोह बच्चों का अपहरण कर उन्हें भीख मंगवाने, देह व्यापार और मानव तस्करी जैसे अमानवीय धंधों में झोंक देता था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डीजीपी तदाशा मिश्रा और सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक के निर्देश पर गठित एसआईटी ने इस नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए 13 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। कन्हैया की सकुशल वापसी से न सिर्फ उसके परिवार बल्कि पूरे इलाके ने राहत की सांस ली है।

