Lohardaga news: कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र की भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में विपक्ष को व्यवस्थित तरीके से कमजोर करने और एक-दलीय व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति भारतीय लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल के निर्वाचन आयोग से मिलने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए सुखदेव भगत ने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से विपक्षी नेताओं को केंद्रीय एजेंसियों के जरिए डराने, प्रताड़ित करने और राजनीतिक दबाव बनाने की संस्कृति विकसित हुई है।
ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का उपयोग निष्पक्ष जांच के बजाय राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पहले चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करती है और उसके बाद विपक्षी दलों के सांसदों एवं विधायकों को अपने पक्ष में लाकर जनादेश को कमजोर करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होने वाले अधिकांश नेता विचारधारा से नहीं, बल्कि दबाव, भय या तात्कालिक राजनीतिक लाभ के कारण दल बदलते हैं। सुखदेव भगत ने कहा कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और बिहार समेत कई राज्यों में विपक्षी दलों को तोड़ने की राजनीति साफ दिखाई दे रही है।
यह लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि यदि यही सिलसिला जारी रहा तो देश में स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा और मजबूत विपक्ष की भूमिका कमजोर पड़ जाएगी। कांग्रेस सांसद ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने का नाम नहीं है, बल्कि स्वतंत्र संस्थाओं, निष्पक्ष चुनाव और मजबूत विपक्ष पर भी टिका होता है। यदि संवैधानिक संस्थाओं का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जाएगा और विपक्ष की आवाज दबाई जाएगी, तो यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।
