Chaibasa News: झारखंड के किरीबुरु इलाके में बच्चों में पब जी गेम की लत बढ़ती जा रही है। कभी किताबों और मैदानों में समय बिताने वाले बच्चे अब जंगल में छिपकर मोबाइल पर घंटों “वर्चुअल युद्ध” खेल रहे हैं। एपेक्स ऑफिस के पीछे का जंगल अब “गेमिंग जोन” बन चुका है, जहां किशोर लगातार ऑनलाइन गेमिंग में डूबे रहते हैं।

स्थानीय लोग बताते हैं कि सीआईएसएफ के जवान कई बार इन बच्चों को समझाकर हटाते हैं, लेकिन वे दोबारा लौट आते हैं। जंगल के सांप-बिच्छू और अन्य जंगली कीड़ों का डर भी इन बच्चों को रोक नहीं पा रहा। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार पब जी जैसे हिंसक गेम बच्चों के ध्यान, अध्ययन और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं। इससे बच्चों में चिड़चिड़ाहट, आक्रामकता और सामाजिक दूरी बढ़ रही है।

समाधान पर जोर

स्कूल और समाजसेवियों की मांग है कि बच्चों के “डिजिटल व्यसन” पर जागरूकता अभियान चलाया जाए। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों के मोबाइल उपयोग की सीमा तय करें और उन्हें खेलकूद, संगीत जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ें। समाजसेवी एस के पांडेय ने चेताया, “यह सिर्फ गेम नहीं, मासूम बचपन के भविष्य से खिलवाड़ है। देर होने से बेहतर है कि समाज, परिवार और स्कूल मिलकर समय रहते कदम उठाएं।”

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