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झिल्लिंगगोड़ा में उमड़ा जनसैलाब, चंपई सोरेन के पोते को नम आंखों से अंतिम विदाई

Ranchi: सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत झिल्लिंगगोड़ा गांव गुरुवार को गहरे शोक में डूबा रहा, जब झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन का पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास पहुंचा। जमशेदपुर स्थित टाटा मेन हॉस्पिटल से एंबुलेंस के माध्यम से शव

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Ranchi: सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत झिल्लिंगगोड़ा गांव गुरुवार को गहरे शोक में डूबा रहा, जब झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन का पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास पहुंचा। जमशेदपुर स्थित टाटा मेन हॉस्पिटल से एंबुलेंस के माध्यम से शव को गांव लाया गया। जैसे ही वाहन गांव की सीमा में पहुंचा, माहौल पूरी तरह गमगीन हो उठा और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, समर्थक और शुभचिंतक अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े।

पार्थिव शरीर को घर के आंगन में रखा गया, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन अपने पोते के निधन से बेहद व्यथित और भावुक नजर आए। परिवार के सदस्य और रिश्तेदार उन्हें संभालते दिखे। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा और हर आंख नम दिखाई दी। महिलाएं विलाप कर रही थीं, वहीं बुजुर्ग ग्रामीण चुपचाप खड़े होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे थे।

सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र की सांसद जोबा माझी भी झिल्लिंगगोड़ा पहुंचीं। उन्होंने वीर सोरेन के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और चंपई सोरेन से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। सांसद ने कहा कि यह क्षति अपूरणीय है और इस कठिन समय में पूरा क्षेत्र परिवार के साथ खड़ा है। उनके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के लोग भी मौजूद रहे।

दोपहर करीब 12 बजे पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन का सिलसिला देर तक चलता रहा। आसपास के गांवों से भी लोग शोक प्रकट करने पहुंचे। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के साथ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी, ताकि श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

परिवार की परंपराओं और स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार वीर सोरेन का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ किया गया। श्मशान घाट तक शव यात्रा निकालने की भी व्यवस्था की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

वीर सोरेन के आकस्मिक निधन से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा इलाका शोकाकुल है। राजनीतिक, सामाजिक और आम जनजीवन से जुड़े लोगों ने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। झिल्लिंगगोड़ा गांव में गुरुवार का दिन शोक और संवेदना के बीच बीता, जहां हर व्यक्ति की जुबां पर एक ही बात थी—ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति दे।

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