Lucknow News: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर मंगलवार देर शाम हुई एक हाई-प्रोफाइल बैठक ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। खबर है कि योगी कैबिनेट में जल्द ही कुछ नए चेहरों की एंट्री हो सकती है, जबकि कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारी में बदलाव संभव है।
सवा घंटे तक चला ‘पावर मंथन’
मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, दोनों डिप्टी सीएम—केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक के साथ-साथ संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार भी मौजूद रहे। करीब सवा घंटे तक बंद कमरे में हुई इस चर्चा का मुख्य एजेंडा मंत्रिमंडल विस्तार और 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति रहा।
जातीय समीकरण और नए चेहरों पर दांव
सूत्रों की मानें तो इस विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। चर्चा है कि निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी समेत करीब आधा दर्जन विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि 2027 की जंग जीतने के लिए संगठन और सरकार, दोनों में ‘फ्रेश ब्लड’ और सोशल इंजीनियरिंग का तड़का लगाना अनिवार्य है।
गेंद अब दिल्ली के पाले में
लखनऊ में प्रस्ताव तैयार होने के बाद अब अंतिम फैसले की बारी दिल्ली की है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी देर रात ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वे पार्टी हाईकमान को कोर कमेटी की चर्चा की रिपोर्ट सौंपेंगे। माना जा रहा है कि दिल्ली से सिग्नल मिलते ही राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी शुरू हो जाएगी। मंत्रिमंडल विस्तार के तुरंत बाद संगठन के पुनर्गठन का काम भी तेजी से शुरू होने की उम्मीद है।
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