Bokaro: चन्दनकियारी प्रखण्ड के आसनबनी गांव की वर्षों पुरानी है. 1988 को गोविन्द कुम्भकार ने मंदिर निर्माण कर रंग रोगन व पुरी सजावट के साथ मंदिर में पुजा की शुरुआत ने की थी. कलश स्थापन से लेकर दशमी तक नियमित पुजा अर्चना उसके पुरोहित भीम पाण्डेय एंव मुख्य व्रती मटुकधारी कुम्भकार द्वारा की जाती है.
परंपरा के अनुसार एक ही पटरा में मां दुर्गा, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, गणेश, कार्तिक, जया, विजया, सिंह व महिशासुर मुर्ति का निर्माण होता है. मुर्तिकार आसनबनी निवासी प्रह्लाद कुम्भकार ने अंतिम रुप देने के उपरांत सप्तमी व्रत को विधि अनुसार कपाट खुलने के पावन अवसर पर किसान नेता सह चन्दनकियारी विधानसभा सभा के पुर्व प्रत्याशी जगन्नाथ रजवार ने दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली के लिए.
प्रार्थना के साथ साथ चन्दनकियारी विधानसभा क्षेत्र के बैलुञ्जा, धानडाबर, बोदरो, चमसोबाद, कोलबेन्दी, कुरा गणक टोला, कुरा सरकार टोला, पुण्डरु, टुपरा, केलियाडाबर, कुम्हारदागा, मिर्धा, बाटबिनोर, चांदाहा, बाबुग्राम, पर्वतपुर, आसनसोल, देवग्राम, उपरबांधा, अमलाबाद, महाल, मानपुर, छाताटाॅंड़, भोजुडीह नीचे बजार, भोजुडीह लाईनपार, भोजुडीह, रेलवे कॉलोनी, माढ़रा, रांगामटिया ऊपर टोला, रांगामटिया निचे टोला, बाॅधटाॅंड़, लाघला, सबड़ा, मोदीडीह, आसनबनी, रामडीह, देउलटांड़, बरसाबाद, चन्दनकियारी पुरुलिया रोड, चन्दनकियारी बजार, नुतनडीह, कोड़िया, झालबड़दा, आगरडीह, कनकचास, बरमसिया, मयुरडुवी, खेड़ाबेड़ा, घोड़ागाड़ा, साॅड़बोआ गॉंवों के दुर्गा मंदिर एंव पंडालों में स्थापित माता दुर्गा की चरणों पर अंतरमन से विशेष प्रार्थना किया. वहीं कुम्हार परिवार के जेएलकेएम नेता अंकित कुम्भकार ने बताया कि हमारे परिवार में मां दुर्गा की पुजा अर्चना हमारे पुर्वज रिदू कुम्हार ने मां दुर्गा से मांगी सन्तान प्राप्ति की मन्नत पूरी होने से सदियों पहले रिदू कुम्हार ने पूजा अर्चना शुरुआत की थी.
मंदिर की स्थापना 1988 को हुई. मां दुर्गा देवी की पुजा कलश स्थापन से लेकर दशमी तक नियमित रूप पुजा अर्चना के उपरांत दशमी तिथि को मां दुर्गा की विसर्जन धुम-धाम से की जाती है.इस दौरान आस पास के क्षेत्रों में भक्तिमय बना रहता है.परंपरा अनुसार महानवमी तिथि को बकरे की बली चढ़ाई जाती है.मंदिर निर्माण काल से मेले का भी आयोजन तथा महानवमी की रात्रि को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है.
पुजा के अवसर पर पुरा परिवार शामिल होकर पुजा अर्चना करते हैं. इस पावन अवसर पर मुख्य रूप से झारखण्ड आन्दोलनकारी नेता दुर्गा चरण महतो, राजु टुडू, यमुना प्रसाद कुम्भकार, पुरण कुम्भकार, मधु कुम्भकार, अजय कुम्भकार, मनोज कुम्भकार, विष्णु कुम्भकार, गुलाब कुम्भकार, गौरीशंकर कुम्भकार, मदन कुम्भकार, कैलाश कुम्भकार, अजित कुम्भकार, तिरथ कुम्भकार, दिनबन्धु कुम्भकार, त्रिलोचन कुम्भकार, गौतम कुम्भकार, साजन कुम्भकार, आकाश कुम्भकार, मलिन्द कुम्भकार आदि शामिल रहे।




