Ranchi : झारखंड पुलिस ने राजधानी रांची में सक्रिय कुख्यात आलोक गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इन अपराधियों के पास से एक कारबाइन, एक देशी पिस्टल, 10 जिंदा कारतूस, एक खाली मैगजीन, एक बाइक, एक राउटर मोबाइल और “आलोक गिरोह” लिखा हुआ पर्चा बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान प्रभात कुमार राम और संजय कुमार दास के रूप में की गई है।
एसएसपी राकेश रंजन ने प्रेस वार्ता में बताया कि 12 अक्टूबर को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आलोक गिरोह के अपराधी लेवी वसूलने और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र के देगा डेगी नदी के पास स्थित ईट भट्ठा के पास आने वाले हैं। सूचना के आधार पर ग्रामीण एसपी के निर्देश पर डीएसपी खलारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने गोपनीय तरीके से इलाके में घेराबंदी की और दोनों अपराधियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी के दौरान प्रभात कुमार राम के पास से 9 एमएम की लोडेड कारबाइन और संजय कुमार दास के पास से लोडेड देशी पिस्टल बरामद हुई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह का संचालन अब जेल में बंद अपराधी आकाश करमाली, जो “मो राजन” नाम से गिरोह को चला रहा था, के निर्देश पर किया जा रहा था। गिरोह क्षेत्र के व्यापारियों, ठेकेदारों, ईंट भट्ठा मालिकों और कोयला कारोबारियों से फोन पर धमकी देकर लेवी वसूलता था।
एसएसपी ने बताया कि प्रभात कुमार राम पहले भी उग्रवादी गतिविधियों और कई संगीन मामलों में जेल जा चुका है। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि एक लूटी गई बाइक को कोनका जंगल में छिपाया गया है। जब पुलिस उसे बाइक बरामद करने के लिए जंगल ले गई, तो उसने एक पुलिस पदाधिकारी की सरकारी पिस्टल छीन ली और भागने की कोशिश करते हुए पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षार्थ गोली चलाई, जिससे उसके पैर में गोली लगी। घायल अपराधी को गिरफ्तार कर रिम्स, रांची में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने मौके से सरकारी पिस्टल भी बरामद कर ली है। एसएसपी ने बताया कि यह गिरोह अब तक लाखों रुपये की लेवी वसूल चुका था और नई घटनाओं की साजिश रच रहा था।



