World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों पूरी दुनिया में चर्चित हैं। उन्होंने टैरिफ वार शुरु करके हलचल मचा दी है। इससे कोई उन्हे तानाशाह कह रहा है तो कोई गलत निर्णय का आरोप लगा रहा है। इसी बीच खुद ट्रंप को खुद की तारीफ करना पड़ रही है। उन्हें कहना पड़ा कि मैं बिलकुल भी तानाशाह नहीं हूं बल्कि एक समझदार आदमी हूं। मैंने भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे युद्ध को रुकवाने में सफलता हासिल की है।

ट्रंप ने कहा, मैं तानाशाह नहीं, समझदार आदमी हूं। भारत पाकिस्तान के बीच जंग नेक्स्ट लेवल पर पहुंच गई थी। परमाणु युद्ध हो सकता था। इस दौरान 7 जेट विमानों को मार गिराया गया था। उनके पास इसे रोकने के लिए कुछ ही घंटे थे। लेकिन मैंने समझदारी दिखाते हुए इस जंग को रोक दिया। ट्रंप ने ईरान जंग पर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर सटीक हमला किया गया। इसमें 52 टैंकर और कई एफ52 फाइटर जेट्स लगाए गए थे।

यूक्रेन पर उन्होंने कहा, अमेरिका अब यूक्रेन जंग पर कोई पैसा खर्च नहीं कर रहा है। बता दें कि ट्रंप की रणनीति ट्रेड ऐज वेपन (व्यापार को हथियार बनाना) पर आधारित रही है। चीन से ट्रेड वॉर हो, यूरोप पर दबाव या भारत जैसे साझेदारों पर कड़े नियम ट्रंप ने टैरिफ का इस्तेमाल हमेशा अपने पक्ष में किया। अब यूक्रेन संकट में भी वे सैन्य हस्तक्षेप के बजाय आर्थिक और कूटनीतिक दबाव की बात कर रहे हैं। कुल मिलाकर, ट्रंप का संदेश साफ है कि अमेरिका अब सिर्फ सैन्य ताकत नहीं बल्कि आर्थिक हथियारों से भी दुनिया को प्रभावित करेगा। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या उनकी ये रणनीति वाकई युद्ध रोकने में सफल रही है।

टैरिफ से टले 4 बड़े युद्ध

ट्रंप ने कहा कि जब उन्होंने कुछ देशों पर 100 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाया तो कई देश पीछे हट गए और इस कदम से चार बड़े युद्ध टल गए। ट्रंप के मुताबिक, जिन सात युद्धों को मैंने रोका, उनमें से चार केवल इसलिए रुके क्योंकि मैंने टैरिफ और ट्रेड को हथियार बनाया। मैंने साफ कह दिया कि अगर तुम लड़ाई करोगे और लोगों को मारोगे तो यह तुम्हारी मर्जी है, लेकिन जब तुम अमेरिका से व्यापार करोगे तो तुम्हें 100 प्रतिशत टैरिफ देना होगा। उन्होंने दावा किया कि इस दबाव से कई देशों ने संघर्ष से पीछे हटने में ही भलाई समझी।

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