World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इजरायल ने गाजा से अपनी सेना धीरे-धीरे पीछे हटाने पर सहमति दे दी है। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए नक्शे में ट्रंप ने बताया कि पहले चरण में इजरायली सेना किस इलाके तक पीछे जाएगी। उन्होंने कहा कि जैसे ही हमास इस योजना को मंजूरी देगा, तुरंत सीजफायर लागू किया जाएगा और दोनों पक्षों के बीच बंधकों की अदला-बदली शुरू होगी।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में गाजा में बंधकों की रिहाई की घोषणा हो सकती है। नेतन्याहू ने कहा कि जब तक सभी बंधक सुरक्षित वापस नहीं आ जाते, तब तक हम किसी अंतिम सौदे पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। इस बीच गाजा में इजरायली हमले में 70 लोगों की और मौत की खबरें सामने आई हैं।
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या इजरायल अमेरिकी योजना को पूरी तरह मानने पर सहमत है, तो उन्होंने कहा— “हां, बिल्कुल।” उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर हमास ने कब्जा छोड़ने से इनकार किया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
इधर, मिस्र में इजरायल और हमास के बीच परोक्ष बातचीत की तैयारियां चल रही हैं। माना जा रहा है कि यह बातचीत युद्धविराम की दिशा में निर्णायक कदम साबित हो सकती है।
ट्रंप ने हाल ही में इजरायल-हमास संघर्ष में सीजफायर की घोषणा की थी और दावा किया कि हमास उनकी शर्तों पर राजी हो चुका है। उनके मुताबिक हमास सभी बंधकों को छोड़ने को तैयार है, जबकि इजरायल ने भी इस प्लान का समर्थन किया है, लेकिन यह शर्त रखी है कि हमास को हर हाल में सभी बंधकों को—चाहे वे जीवित हों या मृत—रिहा करना होगा।
ट्रंप का कहना है कि वह किसी भी कीमत पर इस संघर्ष को रोकना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप इस कदम से खुद को शांति के नायक के रूप में पेश कर नोबेल पुरस्कार की दौड़ में अपना दावा मजबूत करना चाहते हैं।



