Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची के कांके स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) में कथित भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अनियमितताओं, विकास योजनाओं में पारदर्शिता की कमी और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर आदिवासी-मूलवासी संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को कुलपति (VC) प्रो. एस. दुबे से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कुलपति को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और पूरे प्रशासनिक तंत्र को पारदर्शी, जवाबदेह तथा जनोन्मुखी बनाने की पुरजोर मांग की।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने जोर देकर कहा कि बिरसा कृषि विश्वविद्यालय राज्य के किसानों, छात्र-छात्राओं और आदिवासी-मूलवासी समाज के सर्वांगीण विकास से जुड़ा एक बेहद प्रतिष्ठित संस्थान है। ऐसे में कैंपस में होने वाले सभी विकास कार्यों, नियुक्तियों, विकास योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में स्थानीय लोगों के अधिकारों और जनहित की खुली अनदेखी की जा रही है, जिससे आम जनता और युवाओं के बीच भारी असंतोष पनप रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय परिसर व आसपास के इलाकों में बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने, किसानों के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और कैंपस की विभिन्न गतिविधियों में स्थानीय समुदाय की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई। समिति ने कहा कि संस्थान को अपने प्राथमिक उद्देश्यों के तहत किसानों, विद्यार्थियों और ग्रामीण समाज के हितों को सबसे ऊपर रखना होगा।
बैठक में मौजूद लोकहित अधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ साहू ने कहा कि किसी भी उच्च शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान की साख उसकी निष्पक्षता और जवाबदेही पर टिकी होती है। यदि कहीं भी अनियमितता या भ्रष्टाचार की शिकायतें हैं, तो उसकी उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति जनहित के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाती रहेगी।
कुलपति प्रो. एस. दुबे ने प्रतिनिधिमंडल की सभी शिकायतों और मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन संवेदनशील है और ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं की उचित जांच कराकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि संस्थान में सुशासन, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस बैठक में रंजीत टोप्पो, लोकहित अधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ साहू, अईनुल हक अंसारी, अभिषेक राज हेरेंज, सज्जाद अंसारी, राज कुमार महतो, अजीज अंसारी, बीजेपी नेता दीपक दास, संजू मुंडा और राज किशोर राम समेत कई सदस्य मौजूद रहे।




