World News. इंग्लैंड के किडरमिंस्टर में रहने वाली 45 वर्षीय महिला, मासिथोकोज़े मोयो, को एक बैंक की गलती के कारण कठिन हालात का सामना करना पड़ा। उनकी बैंक की गलती ने उन्हें न सिर्फ मृत घोषित कर दिया, बल्कि उनका बैंक खाता भी फ्रीज कर दिया गया, जिससे उन्हें पैसों के लिए भी मोहताज होना पड़ा। इस घटना के बाद, मोयो ने बैंक के खिलाफ 56 करोड़ रुपये के हर्जाने का मुकदमा दायर किया है।
मासिथोकोज़े मोयो एक प्राइवेट जेट फर्म चलाती हैं और उनकी मुसीबत तब शुरू हुई जब उनका क्रेडिट कार्ड अचानक काम करना बंद कर दिया। जब उन्होंने अपने को-ऑपरेटिव बैंक से संपर्क किया, तो पता चला कि बैंक ने उन्हें आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया था। इस गलती के कारण उनका बैंक खाता, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस सभी रद्द कर दिए गए थे। मोयो को पड़ोसियों से उधार लेकर अपना जीवन चलाना पड़ा, क्योंकि वह अपने पैसे तक नहीं निकाल पा रही थीं।
जांच में यह खुलासा हुआ कि बैंक एजेंट ने 5 फरवरी को उनके अकाउंट से डायरेक्ट डेबिट कैंसिल करने की रिक्वेस्ट में गलती से “मृत” शब्द डाल दिया, जिससे सिस्टम में उनका स्टेटस मृत व्यक्ति जैसा अपडेट हो गया। 16 दिनों तक इस गलती को सुधारने में समय लगा और 21 फरवरी को उन्हें अपना अकाउंट फिर से एक्सेस करने की अनुमति मिली।
इस घटना से मानसिक और वित्तीय रूप से प्रभावित मोयो ने बैंक पर आरोप लगाते हुए हर्जाना मांगा है। हालांकि, बैंक ने अब तक माफी के अलावा कोई मुआवजा नहीं दिया है।