Loherdaga : शहर के ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित ललित नारायण स्टेडियम की बदहाल स्थिति को लेकर भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री मिथुन कुमार तमेड़ा ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रेस बयान जारी कर कहा कि कभी खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने वाला यह स्टेडियम आज उपेक्षा का शिकार होकर अपना सम्मान और अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि शहर के बीचों-बीच स्थित इस स्टेडियम में आज चारों ओर घनी झाड़ियां उग आई हैं। इन झाड़ियों की आड़ में नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार कॉलेज और स्कूल की छात्राएं भी यहां बिना किसी निगरानी के बैठी दिखाई देती हैं, जिससे किसी भी समय अप्रिय घटना होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मिथुन कुमार तमेड़ा ने कहा कि हाल ही में स्टेडियम परिसर में शौचालय, गार्ड रूम और मुख्य गेट का निर्माण कराया गया, लेकिन इन सुविधाओं का लाभ खिलाड़ियों और आम लोगों को नहीं मिल रहा है। शौचालय और गार्ड रूम पर ताला लटका हुआ है, जिससे प्रतिदिन अभ्यास करने आने वाले खिलाड़ी और मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद सुविधाएं बंद पड़ी रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ललित नारायण स्टेडियम केवल एक खेल मैदान नहीं, बल्कि लोहरदगा की ऐतिहासिक धरोहर है। इसी मैदान से निकलकर सैकड़ों युवाओं ने सेना, अर्द्धसैनिक बलों और पुलिस सेवाओं में देश की सेवा की है। राष्ट्रीय और राज्य स्तर के एथलीट, क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल और कुश्ती के अनेक खिलाड़ी यहीं अभ्यास कर अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जिला पुलिस प्रशासन द्वारा इसी स्टेडियम में हथियार डालो, वॉलीबॉल खेलो अभियान के तहत भव्य नाइट वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसने मुख्यधारा से भटके लोगों को समाज की ओर लौटने की प्रेरणा दी थी। वर्षों तक स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय समारोह भी इसी स्टेडियम में आयोजित होते रहे, जहां हजारों लोग शामिल होकर कार्यक्रम का हिस्सा बनते थे। भाजपा नेता ने कहा कि यह स्टेडियम पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री स्वर्गीय ललित नारायण मिश्रा के नाम पर है। ऐसे में उनके नाम से जुड़ी इस ऐतिहासिक धरोहर की लगातार उपेक्षा होना अत्यंत दुर्भाग्य पूर्ण है। उन्होंने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से स्टेडियम की तत्काल साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, झाड़ियों की कटाई, बंद पड़ी सुविधाओं को चालू कराने तथा नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि यह खेल परिसर फिर से अपनी पुरानी पहचान और गौरव हासिल कर सके।





