UP News: अपहरण और नृशंस हत्याओं के जुर्म में सजायाफ्ता राम निरंजन कोल उर्फ राजा कोलंदर जल्द ही जेल से सशर्त रिहा होने जा रहा है। राज्यपाल से मंजूरी के बाद कारागार विभाग ने उसे समयपूर्व सशर्त रिहाई की मंजूरी दे दी है। राजा कोलंदर पिछले करीब 25 साल से भी ज्यादा समय से जेल में बंद है। राजा कोलंदर और उसके साले बच्छराज कोल को 23 मई 2025 को ही लखनऊ स्थित कोर्ट ने डबल मर्डर और अपहरण के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

जानकारी अनुसार कारागार प्रशासन और सुधार विभाग ने सजायाफ्ता रामनिरंजन उर्फ राजा कोलंदर को यूपी प्रिजनर्स रिलीज ऑन प्रोबेशन ऐक्ट, 1938 के तहत लाइसेंस के माध्यम से रिहा करने की अनुमति दी है। फिलहाल राजा कोलंदर जिला जेल उन्नाव में बंद है। कारागार विभाग के अनुसार राजा कोलंदर अभी तक जेल में 23 वर्ष, 10 महीने, 27 दिन की अपरिहार्य और 27 वर्ष, तीन महीने, तीन दिन की सपरिहार्य सजा काट चुका है। शासनादेश के अनुसार अब उसे उसके बेटे नवीन कुमार की देख-रेख में रिहा किया जाएगा।

उसके अभिभावक के तौर पर नवीन को नियुक्त कर दिया गया है। लाइसेंस की शर्तों के मुताबिक, सजायाफ्ता बंदी को अपने अभिभावक के दिए जाने वाले निर्देशों का पालन करना होगा, जिसमें निवास, रोजगार और चाल-चलन से संबंधित नियम भी शामिल हैं। इस बीच यदि बंदी किसी शर्त का उल्लंघन करता पाया जाता है तो राज्य सरकार उसका लाइसेंस निरस्त कर उसे पुन: जेल भेज सकती है।

यहां बताते चलें कि प्रयागराज के शंकरगढ़ स्थित हिनौती निवासी राम निरंजन कोल उर्फ राजा कोलंदर पर पत्रकार धीरेंद्र सिंह समेत 14 लोगों की जघन्य हत्या का आरोप है। साल 2012 में प्रयागराज की अदालत ने पत्रकार की हत्या के मामले में राजा कोलंदर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। तब अदालत ने सजा सुनाते हुए कहा था, कि यह केस रेयरेस्ट ऑफ दी रेयर की श्रेणी में आता है।

नेटफ्लिक्स पर हो चुकी है फिल्म रिलीज

राजा कोलंदर के सीरियल किलिंग की खौफनाक दास्तान को लेकर नेटफ्लिक्स पर इंडियन प्रीडेटर द डायरी ऑफ एक सीरियल किलर शीर्षक से एक डॉक्यूमेंट्री भी बनी, जो काफी चर्चा में रही। राजा कोलंदर की रिहाई की खबरों से एक बार फिर उसके द्वारा किए गए खौफनाक अपराध की यादा लोगों के जेहन में ताजा हो चली हैं।

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