Health Desk: पैरों में सूजन एक बेहद आम स्वास्थ्य समस्या है, जिसे अक्सर लोग थकान या लंबे समय तक खड़े रहने का परिणाम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, चिकित्सा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि यह समस्या लगातार बनी रहे, तो यह शरीर के भीतर छिपी किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती है। मेडिकल भाषा में इसे ‘एडीमा’ कहा जाता है, जो शरीर के ऊतकों (tissues) में अतिरिक्त तरल पदार्थ के जमा होने के कारण होता है।

इन अंगों की खराबी हो सकती है वजह

विशेषज्ञों के मुताबिक, फ्लूड रिटेंशन के पीछे किडनी या लिवर से जुड़ी समस्याएं प्रमुख हो सकती हैं। जब किडनी शरीर से अपशिष्ट और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में विफल रहती है, या लिवर पर्याप्त प्रोटीन नहीं बना पाता, तो पैरों में सूजन आने लगती है। यदि सूजन के साथ पेशाब कम आना, थकान या शरीर में पीलापन दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

दिल की सेहत और अन्य कारण

पैरों, खासकर टखनों में सूजन का एक बड़ा कारण ‘कंजेस्टिव हार्ट फेल्योर’ भी हो सकता है। जब दिल खून को सही तरीके से पंप नहीं कर पाता, तो तरल पदार्थ शरीर के निचले हिस्सों में जमा होने लगता है। इसके अलावा, थायरॉइड हार्मोन के असंतुलन (हाइपोथायरॉइडिज्म) और कुछ विशेष दवाइयों, जैसे बीपी कंट्रोलर या स्टेरॉइड्स के सेवन से भी यह समस्या हो सकती है।

जीवनशैली में बदलाव है जरूरी

खराब लाइफस्टाइल, भोजन में नमक की अधिकता, पानी कम पीना और घंटों एक ही स्थिति में बैठे रहना इस समस्या को और अधिक बढ़ा देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि एक पैर में अचानक दर्द के साथ सूजन आए, तो यह नसों में खून का थक्का (Blood Clot) होने का संकेत हो सकता है, जो जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसलिए, नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें।

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