Jamshedpur: शिक्षा के माध्यम से बेटियां न केवल अपनी जिंदगी बदल रही हैं, बल्कि अपने परिवार और समुदाय के लिए भी नई उम्मीदें जगा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर टाटा स्टील फाउंडेशन ने ऐसी छात्राओं की उपलब्धियों को रेखांकित किया है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत, लगन और शिक्षा के बल पर सफलता की नई मिसाल कायम की है। इनमें बिरहोर समुदाय की मुस्कान कुमारी से लेकर रामगढ़ जिले में सातवां स्थान हासिल करने वाली स्वाति कुमारी तक की प्रेरणादायक कहानियां शामिल हैं।
टाटा स्टील फाउंडेशन के बंजी स्थित प्री-मैट्रिक कोचिंग केंद्र की छात्रा मुस्कान कुमारी ने इस वर्ष दसवीं की बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक हासिल कर विशिष्ट श्रेणी में सफलता प्राप्त की। मुस्कान बिरहोर समुदाय से आती हैं, जिसे भारत के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों में शामिल किया गया है। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले इस समुदाय के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शैक्षणिक मार्गदर्शन तक पहुंच बनाना आज भी चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में मुस्कान की सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित अवसर और सहयोग मिलने पर वंचित समुदायों की बेटियां भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं।
मुस्कान की तरह झारखंड और ओडिशा की सैकड़ों छात्राएं प्री-मैट्रिक कोचिंग कार्यक्रम के माध्यम से सफलता की नई कहानियां लिख रही हैं। इस कार्यक्रम के तहत सातवीं से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई, विषयवार मार्गदर्शन, अतिरिक्त कक्षाएं और व्यक्तिगत परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस कार्यक्रम से दोनों राज्यों के कुल 3,291 विद्यार्थी लाभान्वित हुए। इनमें से 3,191 विद्यार्थियों ने दसवीं की बोर्ड परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की। इस प्रकार कार्यक्रम का कुल परीक्षा परिणाम 97 प्रतिशत रहा।
वेस्ट बोकारो में भी इस पहल के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। यहां टाटा स्टील फाउंडेशन ने 11 कोचिंग केंद्रों के माध्यम से सातवीं से दसवीं कक्षा तक के 1,981 विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया। सितंबर 2025 से फरवरी 2026 तक छह महीने की अवधि में विद्यार्थियों को गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषयों की विशेष तैयारी कराई गई। कार्यक्रम के अंतर्गत दसवीं कक्षा के सभी 700 विद्यार्थियों ने वार्षिक माध्यमिक बोर्ड परीक्षा 2026 में सफलता हासिल की। इस तरह लगातार आठवें वर्ष भी शत-प्रतिशत परिणाम का रिकॉर्ड कायम रहा।
परीक्षा परिणामों में छात्राओं का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। कुल 700 सफल विद्यार्थियों में 564 ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की, जिनमें 287 छात्राएं शामिल थीं। वहीं, 147 विद्यार्थियों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर विशिष्ट श्रेणी में जगह बनाई।
इसी क्रम में जय हिंद विद्या निकेतन, सोंडीहा की छात्रा स्वाति कुमारी ने 95.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शानदार उपलब्धि हासिल की। स्वाति ने रामगढ़ जिले में सातवां स्थान प्राप्त किया। ग्रामीण परिवेश से आने वाली स्वाति की सफलता क्षेत्र की दूसरी छात्राओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
जनजातीय समुदायों तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से फाउंडेशन ने बंजी स्थित मध्य विद्यालय में विशेष प्री-मैट्रिक कोचिंग केंद्र स्थापित किया। यह केंद्र बिरहोर और अन्य जनजातीय समुदायों के विद्यार्थियों के लिए बनाया गया है। यहां दसवीं कक्षा के 33 विद्यार्थियों को सहयोग दिया गया और सभी बोर्ड परीक्षा में सफल रहे। इनमें 14 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी हासिल की, जिनमें 13 छात्राएं शामिल हैं।
कार्यक्रम से लाभान्वित होने वाली अनेक छात्राएं ऐसे परिवारों से आती हैं, जहां वे शिक्षा प्राप्त करने वाली पहली पीढ़ी का हिस्सा हैं। नियमित कक्षाओं, मूल्यांकन, विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और निरंतर शैक्षणिक सहयोग के जरिए उन्हें पढ़ाई जारी रखने तथा उच्च शिक्षा और बेहतर करियर की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर ये उपलब्धियां इस संदेश को मजबूत करती हैं कि एक लड़की को शिक्षित करना केवल उसके व्यक्तिगत भविष्य को संवारना नहीं है, बल्कि पूरे परिवार और समाज की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करना भी है। टाटा स्टील फाउंडेशन का प्री-मैट्रिक कोचिंग कार्यक्रम शिक्षा के माध्यम से बेटियों को आत्मविश्वास, समान अवसर और अपने सपनों को साकार करने की ताकत प्रदान कर रहा है।





