Simdega : झारखंड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्ष शबनम परवीन ने शुक्रवार को सिमडेगा जिले के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कुपोषण उपचार केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

सबसे पहले प्रभारी अध्यक्ष ने सदर अस्पताल, सिमडेगा में स्थित कुपोषण उपचार केंद्र का निरीक्षण किया। केंद्र में कुल 10 बेड की व्यवस्था है, जिनमें 3 बच्चे भर्ती पाए गए। भर्ती बच्चों की माताओं ने बताया कि उन्हें नियमित भोजन और प्रतिदिन ₹130 की राशि दी जाती है। केंद्र साफ-सुथरा एवं सुव्यवस्थित पाया गया।

इसके बाद उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 145, ठाकुरटोली का निरीक्षण किया। सेविका ने बताया कि पैसों की कमी के कारण बच्चों को सप्ताह में केवल तीन दिन ही अंडा दिया जाता है। इस पर प्रभारी अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि बच्चों को प्रतिदिन अंडा वितरण सुनिश्चित किया जाए

अगला निरीक्षण आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 209, ढ़ेबर ग्राम में किया गया, जहां 20 नामांकित बच्चों में से 14 उपस्थित पाए गए। गर्भवती महिलाओं ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत उन्हें पहले बच्चे के जन्म पर राशि मिली थी, लेकिन दूसरी संतान (लड़की) के जन्म के बाद राशि नहीं मिली। सेविका ने बताया कि वर्ष 2018-19 से राशि प्राप्त नहीं हुई है। इस पर प्रभारी अध्यक्ष ने सेविका को गर्भवती महिलाओं का निबंधन कार्य समय पर पूर्ण करने एवं कुपोषित बच्चों को उपचार केंद्र भेजने के निर्देश दिए।

प्रभारी अध्यक्ष ने आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 140, कूबी टोली का भी दौरा किया। यहाँ 22 में से 13 बच्चे उपस्थित पाए गए। सेविका ने बताया कि बच्चों को सप्ताह में तीन दिन ही अंडा दिया जाता है, जिस पर अध्यक्ष ने प्रतिदिन अंडा देने के निर्देश दोहराए। निरीक्षण के बाद परिसदन भवन, सिमडेगा में जिला अधिकारियों के साथ झारखंड राज्य आकस्मिक खाद्यान्न कोष पर समीक्षात्मक बैठक की गई। बैठक में लंबित शिकायतों की प्रतियां अधिकारियों को सौंपी गईं और शीघ्र कार्रवाई कर आयोग को सूचित करने के निर्देश दिए गए।

अध्यक्ष ने आंगनबाड़ी केंद्रों में अंडा वितरण में अनियमितता पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के समक्ष नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को रोजाना अंडा मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, प्रभारी अध्यक्ष ने पाया कि विद्यालयों में बच्चे मिड-डे मील के लिए घर से बर्तन लाते हैं इस पर जिला शिक्षा अधीक्षक के प्रतिनिधि को विद्यालयों में बर्तन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में यह भी सामने आया कि निगरानी समिति गठित होने के बावजूद बैठकें नहीं होतीं अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि समिति की बैठकें नियमित रूप से कर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जुड़े मामलों का निपटारा किया जाए। अध्यक्ष ने ई-पॉस मशीन से निकलने वाली पर्ची लाभुकों को न मिलने की शिकायतों पर कहा कि सभी लाभुकों को पर्ची मिलनी चाहिए ताकि उन्हें राशन की मात्रा और दर की जानकारी रहे।

साथ ही निर्देश दिया गया कि सभी पीडीएस दुकानों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में खाद्य सुरक्षा से संबंधित सूचना पट्ट लगाकर उस पर आयोग का नंबर भी अंकित किया जाए। अंत में, प्रभारी अध्यक्ष ने कहा कि आकस्मिक खाद्यान्न कोष के तहत असहाय व्यक्तियों को बाजार दर पर 10 किलो राशन उपलब्ध कराने का प्रावधान है। सभी पंचायतों में ₹10,000 की राशि उपलब्ध रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अयोग्य लाभुकों को हटाकर योग्य लोगों के नाम जोड़े जाएं। इस दौरान प्रभारी अध्यक्ष शबनम परवीन ने प्रसिद्ध रामरेखा मेला का अवलोकन भी किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर समाहर्ता सह जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, तथा जिला शिक्षा अधीक्षक के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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