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लोकहित अधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील साहू 6 वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित

Ranchi News : लोकहित अधिकार पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सुनील साहू को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के चलते पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोशन लाल गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से

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Ranchi News : लोकहित अधिकार पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सुनील साहू को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के चलते पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोशन लाल गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस निर्णय की घोषणा की। उन्होंने बताया कि साहू को 6 वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है।

सुनील साहू जिन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया

प्रेस वार्ता में श्री गुप्ता ने बताया कि सुनील साहू, प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए, लगातार पार्टी की नीतियों के विरुद्ध कार्य कर रहे थे। उन पर आरोप है कि वे कुछ राजनीतिक दलों के प्रदेश और केंद्रीय नेताओं के संपर्क में थे और पार्टी छोड़कर अन्य दलों में शामिल होने की कोशिश कर रहे थे। इतना ही नहीं, यह गतिविधियाँ वे अपने कुछ निजी समर्थकों के साथ मिलकर चला रहे थे, जो पूरी तरह से पार्टी की मूल विचारधारा के खिलाफ है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी द्वारा कई बार सुनील साहू को चेतावनी दी गई थी। उन्हें समझाने की कोशिश की गई कि उनका यह आचरण न केवल पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचा रहा है, बल्कि इससे पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल भी गिर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि साहू की निजी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और सिद्धांतों को प्रभावित कर रही थीं।

लोकहित अधिकार पार्टी का मुख्य उद्देश्य वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को सामाजिक न्याय और राजनीतिक भागीदारी दिलाना है। लेकिन साहू का रवैया पार्टी की इस मूल भावना के अनुकूल नहीं था। राष्ट्रीय नेतृत्व ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए साहू को पार्टी से बाहर करने का कठिन निर्णय लिया।

श्री गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यह कदम पार्टी और जनहित को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। उनका कहना है कि कोई भी व्यक्ति पार्टी से बड़ा नहीं होता और संगठन की गरिमा बनाए रखना हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है।

पार्टी ने इस कार्रवाई को अंतिम चेतावनी के रूप में देखा है, ताकि आने वाले समय में कोई भी कार्यकर्ता संगठन के नियमों का उल्लंघन न करे। इसके साथ ही यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि पार्टी अपने सिद्धांतों और अनुशासन से कोई समझौता नहीं करेगी। इस निष्कासन के बाद झारखंड में पार्टी संगठन को नए सिरे से पुनर्गठित करने की तैयारी चल रही है। जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष के पद के लिए नए नाम की घोषणा की जाएगी।

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