Ranchi : झारखंड राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा राज्य के सभी निबंधित और अनिबंधित वक्फ संपत्तियों को उम्मीद सेंट्रल पोर्टल-2025 पर अपलोड करने संबंधी जानकारी और प्रशिक्षण के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राज्यभर से वक्फ प्रबंधन से जुड़े 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के डिजिटल रिकॉर्ड को अद्यतन करना और नए वक्फ अधिनियम 2025 में निर्धारित समयसीमा के भीतर डेटा अपलोड सुनिश्चित करना था।
कार्यशाला की शुरुआत झारखंड सुन्नी वक्फ बोर्ड के सीईओ मुमताज अली अहमद के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने उम्मीद पोर्टल पर डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और नए प्रावधानों की विस्तृत जानकारी उपस्थित प्रतिभागियों को दी।
उन्होंने बताया कि अब तक 113 निबंधित एवं अनिबंधित वक्फ संपत्तियाँ पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी हैं, लेकिन शेष संपत्तियों का डेटा शीघ्र अपलोड करना आवश्यक है। चेयरमैन ने यह भी स्पष्ट किया कि डेटा अपलोड न होने की स्थिति में वक्फ एक्ट की धारा 64 के तहत कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। वहीं धारा 63 के तहत मोतवल्ली और प्रबंधन समिति को हटाकर नई समिति नियुक्त की जा सकती है।
कार्यक्रम में बोर्ड के सदस्य ए.के. रशीदी, मो. फैजी, अबरार अहमद, निजामुद्दीन अंसारी, महबूब आलम, मौलाना तहज़ीबुल हसन और शकील अख्तर ने भी अपने सुझाव और विचार रखे। प्रशिक्षण का संचालन मो. वजीउल्लाह ने किया।
कार्यशाला में उपस्थित आमया संगठन के अध्यक्ष एस. अली ने सादे कागज़, मौखिक वक्फ अथवा यूजर बाय वक्फ के तहत स्थापित संपत्तियों को पोर्टल में जोड़ने में लोगों को आ रही कठिनाइयों की ओर ध्यान आकृष्ट किया और वक्फ बोर्ड से एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी करने की मांग की। इसी क्रम में मुफ्ती तलह नदवी ने कहा कि बोर्ड कार्यालय में प्रशिक्षकों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए ताकि आम लोगों को अधिक सहायता मिल सके। अंत में प्रशिक्षक मो. वजीउल्लाह ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापन दिया।



