Shillong: मध्य प्रदेश के इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बहुत बड़ा कानूनी मोड़ आया है। इस केस की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को करीब 320 दिनों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जेल से रिहा कर दिया गया है। मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग की एक अदालत ने सोमवार को उनकी जमानत मंजूर की थी, जिसके बाद मंगलवार शाम औपचारिकताएं पूरी होते ही वे जेल से बाहर आ गईं।
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जैसे ही सोनम जेल की दहलीज से बाहर निकलीं, उनके पिता देवी सिंह वहां मौजूद थे। मीडिया ने उनसे कई सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने चुप्पी साधे रखी और चुपचाप वहां से चली गईं। बता दें कि यह मामला तब पूरे देश में सुर्खियों में आया था जब हनीमून के दौरान राजा रघुवंशी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी और उनकी पत्नी सोनम को ही मुख्य आरोपी बनाया गया था।
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अदालत ने इस मामले की चौथी सुनवाई में बचाव पक्ष की उन दलीलों को वजन दिया, जिनमें गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि जब 7 जून 2025 को गाजीपुर में सोनम को गिरफ्तार किया गया था, तब उन्हें आरोपों की सही जानकारी नहीं दी गई थी।
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अदालत ने जांच दस्तावेजों में बड़ी त्रुटियां पाते हुए भारत के संविधान के अनुच्छेद 22(1) ($Article \ 22(1)$) का हवाला दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय उसके कारणों को बताना अनिवार्य है, और ऐसा न करना मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। इसी आधार पर उन्हें राहत तो मिल गई है, लेकिन बेड़ियां पूरी तरह नहीं कटी हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सोनम को ट्रायल के दौरान शिलॉन्ग में ही रहना होगा और बिना अनुमति वे शहर से बाहर नहीं जा सकेंगी। अब सबकी नजरें आगामी ट्रायल और कोर्ट की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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