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कभी-कभी खुलता था मकान, अंदर चल रही थी जाली नोट की छपाई

Bihar News: नेपाल से संचालित एक बड़े जाली नोट नेटवर्क का खुलासा उस वक्त हुआ, जब मोतिहारी शहर के पतौरा इलाके में पुलिस ने छापेमारी कर जाली नोट छापने की मशीन और अधछपे नोट बरामद किए। यह कार्रवाई नेपाल में आरोपी रवि श्रीवास्तव और उसके

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Bihar News: नेपाल से संचालित एक बड़े जाली नोट नेटवर्क का खुलासा उस वक्त हुआ, जब मोतिहारी शहर के पतौरा इलाके में पुलिस ने छापेमारी कर जाली नोट छापने की मशीन और अधछपे नोट बरामद किए। यह कार्रवाई नेपाल में आरोपी रवि श्रीवास्तव और उसके सिंडिकेट की गिरफ्तारी के बाद मिले इनपुट के आधार पर की गई।

जानकारी के मुताबिक, रवि श्रीवास्तव ने जाली नोट छापने के लिए पतौरा में एक मकान किराए पर लिया था। वहीं, उसका परिवार पास के छतौनी इलाके की बंगाली कॉलोनी में रह रहा था। खास बात यह थी कि पतौरा वाला मकान महीने में सिर्फ दो-चार बार ही खुलता था, जिससे किसी को शक नहीं होता था।

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नेपाल पुलिस की कार्रवाई के बाद मिले सुराग पर मोतिहारी पुलिस ने पहले बंगाली कॉलोनी में छापेमारी की। वहां रवि की पत्नी से पूछताछ की गई। उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम पतौरा पहुंची, जहां से प्रिंटर, कंप्यूटर और पांच सौ रुपये के अधछपे जाली नोट बरामद किए गए।

यह छापेमारी सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार और सदर डीएसपी टू जितेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में की गई। पुलिस ने रवि की पत्नी से गहन पूछताछ की, लेकिन जाली नोट की छपाई को लेकर उसकी किसी भी तरह की संलिप्तता सामने नहीं आई। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया।

पुलिस का कहना है कि जाली नोट की मांग होने पर रवि और उसके साथी नेपाल से मोतिहारी आते थे, यहां नोट छापते थे और फिर वापस नेपाल लौट जाते थे। करीब एक सप्ताह पहले नेपाल के बारा जिले के कलैया में छापेमारी कर दर्जन भर बदमाशों को पकड़ा गया था, जिनमें रवि भी शामिल था।

नेपाल पुलिस से मिली सूचना के बाद मोतिहारी में यह कार्रवाई हुई। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और आगे की कार्रवाई जारी है।

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