New Delhi: सूर्य ग्रहण और पर्सीड उल्का वर्षा 12 अगस्त को एक ही दिन होने के कारण दुनिया भर के खगोल प्रेमियों की नजरें आसमान पर रहेंगी। दिन के समय पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, जबकि रात में पर्सीड उल्का वर्षा अपने चरम पर पहुंच सकती है। वैज्ञानिक इसे खगोलीय घटनाओं का एक दुर्लभ संयोग मानते हैं।

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ग्रहण कहां दिखेगा

पूर्ण सूर्य ग्रहण उत्तरी अमेरिका, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों और उत्तरी स्पेन के निर्धारित मार्ग से दिखाई देगा। वहीं, यूनाइटेड किंगडम, आयरलैंड, उत्तरी अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के अन्य क्षेत्रों में आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा।

भारत में यह सूर्य ग्रहण प्रत्यक्ष रूप से दिखाई नहीं देगा, क्योंकि उस समय यहां रात होगी। हालांकि, विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों की लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से इस खगोलीय घटना को देखा जा सकता है।

सुरक्षा है जरूरी

सूर्य ग्रहण और पर्सीड उल्का वर्षा में यदि सूर्य ग्रहण देखना हो तो नंगी आंखों से देखने से बचें। केवल प्रमाणित सोलर एक्लिप्स ग्लासेस का उपयोग करें, क्योंकि बिना सुरक्षा के सूर्य को देखने से आंखों को स्थायी नुकसान हो सकता है।

रात में दिखेगी उल्का वर्षा

दिन समाप्त होने के बाद पृथ्वी स्विफ्ट-टटल धूमकेतु के छोड़े गए कणों के बीच से गुजरेगी, जिससे पर्सीड उल्का वर्षा देखने को मिलेगी। 12 अगस्त की देर रात से 13 अगस्त की सुबह के बीच साफ मौसम होने पर प्रति घंटे लगभग 60 से 100 तक उल्काएं दिखाई दे सकती हैं।

कैसे देखें नजारा

सूर्य ग्रहण और पर्सीड उल्का वर्षा में उल्का वर्षा देखने के लिए किसी टेलीस्कोप की आवश्यकता नहीं होती। शहर की तेज रोशनी से दूर किसी खुले और अंधेरे स्थान पर जाएं। अपनी आंखों को अंधेरे के अनुसार ढलने के लिए 20 से 30 मिनट का समय दें। इसके बाद खुले आसमान की ओर देखकर इस खगोलीय नजारे का आनंद लिया जा सकता है।

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