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Siwan: चलती ट्रेन में एक नवजात शिशु की किलकारी गूंजने और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की तत्परता से एक मां और उसकी बच्ची की जान सुरक्षित बचने का सुखद मामला सामने आया है। समस्तीपुर जा रही विशेष ट्रेन संख्या 04731 में मंगलवार को एक महिला यात्री को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति की गंभीरता और आपातकाल को देखते हुए सीवान रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल ने गजब की फुर्ती दिखाई। आरपीएफ जवानों ने ‘ऑपरेशन मातृशक्ति’ के तहत बिना वक्त गंवाए मां और नवजात को सुरक्षित चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई।
ट्रेन के जनरल कोच में शुरू हुआ दर्द
मिली जानकारी के अनुसार, समस्तीपुर जिले के धलमतपुर गांव के रहने वाले संजीत साहनी अपनी बेटी विद्या कुमारी के साथ सिरसा से समस्तीपुर की यात्रा कर रहे थे। सफर के दौरान ट्रेन के जनरल कोच में विद्या कुमारी को अचानक प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू हो गई, जिससे बोगी में हड़कंप मच गया। इसी बीच ट्रेन सीवान रेलवे स्टेशन पर आकर रुकी, जहां ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के जवानों को इस बात की तुरंत सूचना मिली।
आरपीएफ जवानों ने मसीहा बनकर की मदद
जैसे ही आरपीएफ को ट्रेन में महिला की गंभीर स्थिति की जानकारी मिली, पाली प्रभारी सुरेश कुमार यादव, हेड कांस्टेबल धर्म प्रकाश मिश्रा और कांस्टेबल विनोद कुमार वर्मा तुरंत दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। जवानों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला को तत्काल सुरक्षित तरीके से ट्रेन से नीचे उतारा और स्टेशन पर ही जरूरी प्राथमिक सहायता दी। हालांकि, ट्रेन के भीतर ही महिला ने एक सुंदर और स्वस्थ बच्ची को जन्म दे दिया था।
इसके तुरंत बाद आरपीएफ ने बिना देरी किए स्टेशन पर ही सरकारी एंबुलेंस को कॉल किया। एंबुलेंस के पहुंचते ही मां और उसकी नवजात बच्ची को बेहतर इलाज और देखभाल के लिए सदर अस्पताल, सीवान भेज दिया गया।
परिजनों ने जताया आरपीएफ का आभार
महिला के परिजनों ने बताया कि सफर के दौरान ही महिला ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया था। वे लोग बेहद घबराए हुए थे, लेकिन आरपीएफ की त्वरित और सूझबूझ भरी कार्रवाई से मां और नवजात शिशु को बिल्कुल सही समय पर डॉक्टरी सहायता मिल सकी, जिससे दोनों सुरक्षित हैं।
इस मामले पर रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ‘ऑपरेशन मातृशक्ति’ का मुख्य उद्देश्य रेल यात्रा के दौरान गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा व सेहत सुनिश्चित करना है। सीवान स्टेशन पर आरपीएफ के जवानों ने जिस तरह जिम्मेदारी निभाई, उसने एक बार फिर इस मानवीय अभियान की उपयोगिता और महत्व को साबित कर दिया है।

