Buxar: बिहार के बक्सर जिले के मैकेनिकल इंजीनियर संजीत राय ने सिंगल यूज प्लास्टिक कचरे के उपयोग का एक नया मॉडल विकसित किया है। आईआईटी चेन्नई से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके संजीत राय ने प्लास्टिक अपशिष्ट को उपयोगी स्लैब में बदलने की पहल की है। इन स्लैब से पार्क बेंच, डेस्क, अलमारी और अन्य फर्नीचर तैयार किए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे का बेहतर उपयोग करने के साथ लकड़ी के विकल्प उपलब्ध कराना भी है।
प्लास्टिक कचरे से कैसे तैयार हो रहे हैं उपयोगी उत्पाद?
बक्सर के ब्रह्मपुर में सिंगल यूज प्लास्टिक अपशिष्ट को संसाधित कर उपयोगी स्लैब तैयार किए जा रहे हैं। इनका उपयोग पार्क बेंच, डेस्क, अलमारी, फर्नीचर और अन्य उत्पाद बनाने में किया जा रहा है। संजीत राय के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे की समस्या को कम करना और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक वैकल्पिक समाधान उपलब्ध कराना है।
‘मन की बात’ में भी हुआ जिक्र
संजीत राय के इस मॉडल का उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में किया था। इस पहल की पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सराहना भी की गई। संजीत राय के अनुसार, वर्ष 2022 में जिला जल एवं स्वच्छता समिति और राय इंडस्ट्रीज के सहयोग से इस मॉडल की शुरुआत की गई थी।
रोजगार और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
संजीत राय का कहना है कि यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा रहा है। उनके अनुसार, प्लास्टिक कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने से स्वरोजगार और उद्यमिता को भी बढ़ावा मिल रहा है।
सीतामढ़ी प्रशासन करेगा सहयोग
सीतामढ़ी के जिलाधिकारी रिची पांडे ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक से तैयार किए जा रहे इन उत्पादों को प्रधानमंत्री द्वारा सराहे जाने के बाद इस पहल को व्यापक पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत सीतामढ़ी जिला प्रशासन राय इंडस्ट्रीज के साथ एमओयू साइन करने की प्रक्रिया में है।





