धनबाद : धनबाद कृषि उत्पादन बाजार समिति के दुकानदारों को अब पहले से दोगुने से भी ज्यादा किराया देना होगा। झारखंड राज्य कृषि विपणन पर्षद बोर्ड ने दुकानों का किराया बढ़ाने का फैसला लिया है। नवंबर से सभी छोटी-बड़ी दुकानों का किराया 4 रुपये से बढ़ाकर 9 रुपये प्रति वर्गफुट कर दिया जाएगा। इस फैसले से बाजार समिति के 436 दुकानदार प्रभावित होंगे।
19 साल बाद बढ़ाया गया किराया
जानकारी के अनुसार, धनबाद बाजार समिति में करीब 19 साल बाद दुकानों का किराया बढ़ाया गया है। अभी दुकानदारों से 4 रुपये प्रति वर्गफुट के हिसाब से किराया लिया जाता है। नई दर लागू होने के बाद उन्हें 9 रुपये प्रति वर्गफुट किराया देना होगा। यानी किराये में 125 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।
नई व्यवस्था में दुकानों के क्षेत्रफल के आधार पर किराया तय होगा। ऐसे में बड़ी दुकान चलाने वाले व्यापारियों को अधिक पैसे चुकाने पड़ेंगे।
बाजार समितियों को तीन श्रेणियों में बांटा गया
झारखंड की 28 बाजार समितियों को किराया तय करने के लिए तीन श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी की दुकानों के लिए 9 रुपये, दूसरी श्रेणी के लिए 7 रुपये और तीसरी श्रेणी के लिए 5 रुपये प्रति वर्गफुट किराया निर्धारित किया गया है।
धनबाद कृषि उत्पादन बाजार समिति को पहली श्रेणी में रखा गया है। इसलिए यहां के सभी दुकानदारों को नवंबर से 9 रुपये प्रति वर्गफुट की दर से किराया देना होगा।
पहले भी किराया बढ़ाने का हुआ था विरोध
धनबाद बाजार समिति की स्थापना वर्ष 1984 में हुई थी। वर्ष 1997 में दुकानों का किराया 1.25 रुपये प्रति वर्गफुट था। इसके बाद 2003 के आसपास इसे बढ़ाकर 2 रुपये कर दिया गया।
वर्ष 2007 में किराया बढ़ाकर 4 रुपये प्रति वर्गफुट किया गया था। उस समय दुकानदारों और व्यापारिक संगठनों ने इसका विरोध किया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था, जहां फैसला कृषि विपणन बोर्ड के पक्ष में आया था।
अब नवंबर से नई किराया दर लागू होने वाली है। इससे दुकानदारों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। खासकर बड़ी दुकानों के संचालकों को पहले के मुकाबले अधिक किराया चुकाना होगा।




