Ranchi News: झारखंड में शाबान उल-मुअज्जम 1447 हिजरी का चांद नजर नहीं आने के बाद शब-ए-बरात की तारीख को लेकर स्थिति साफ हो गई है। इदारा-ए-शरिया झारखंड ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को शब-ए-बरात मनाई जाएगी।

इदारा-ए-शरिया झारखंड के नाजिम-ए-आला मौलाना मुहम्मद कुतुबुद्दीन रिज़वी ने बताया कि सोमवार, 19 जनवरी 2026 को 29 रजब 1447 हिजरी के मौके पर झारखंड के 70 से अधिक स्थानों पर शाबान महीने का चांद देखने की व्यवस्था की गई थी।

70 से ज्यादा जगहों पर की गई चांद देखने की व्यवस्था

रांची, रामगढ़, जमशेदपुर, गोड्डा, दुमका, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद, गढ़वा, डाल्टेनगंज, राजमहल, चतरा, गुमला, जामताड़ा, लोहरदगा सहित कई जिलों में चांद देखने का इंतजाम किया गया था। मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने बताया कि आसमान पूरी तरह साफ था, लेकिन कहीं से भी शाबान उल-मुअज्जम का चांद नजर आने की पुष्टि नहीं हुई।

21 जनवरी से शुरू होगा शाबान महीना

चांद नजर नहीं आने के कारण क़ाज़ियाने शरीयत, दारुल क़ज़ा, इदारा-ए-शरिया झारखंड अल-जामिअतुल क़ादरिया इस्लामी मरकज़, हिंदपीढ़ी, रांची की ओर से यह निर्णय लिया गया कि बुधवार, 21 जनवरी 2026 को शाबान उल-मुअज्जम की पहली तारीख होगी।

3 फरवरी की रात होगी शब-ए-बरात

इस गणना के अनुसार मंगलवार, 3 फरवरी को शाबान उल-मुअज्जम का 14वां दिन होगा और उसी दिन सूरज ढलने के बाद आने वाली रात शब-ए-बरात की होगी। इस रात को इस्लाम में इबादत, दुआ, मग़फिरत और मरहूमीन के लिए दुआओं की खास अहमियत मानी जाती है।

इदारा-ए-शरिया ने आम मुसलमानों से अपील की है कि वे इस मुबारक रात में इबादत, नमाज़, क़ुरआन की तिलावत और दुआओं का एहतमाम करें।

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