Bokaro News: सेक्टर–3 रिक्रियेशन क्लब को चालू कराने की मांग को लेकर बोकारो इस्पात कर्मचारी संघ (बीएकेएस) की लंबी लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। करोड़ों रुपये खर्च कर अनुरक्षण किए जाने के बावजूद क्लब को कर्मचारियों के लिए शुरू नहीं किए जाने से नाराज यूनियन ने अंततः प्रधानमंत्री कार्यालय तक मामला पहुंचाया।

आरटीआई और पत्राचार भी रहे बेअसर

बीएकेएस अध्यक्ष हरिओम कुमार ने बताया कि क्लब को चालू कराने के लिए प्रबंधन से कई बार पत्राचार किया गया। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से भी जानकारी मांगी गई, लेकिन इसके बावजूद बोकारो इस्पात संयंत्र प्रबंधन पर कोई असर नहीं पड़ा। मजबूर होकर यूनियन को यह मुद्दा प्रधानमंत्री कार्यालय तक ले जाना पड़ा।

पीएमओ के जवाब में प्रबंधन का आश्वासन

प्रधानमंत्री कार्यालय को दिए गए जवाब में बोकारो इस्पात प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि सेक्टर–3 रिक्रियेशन क्लब को वित्तीय वर्ष 2026–27, यानी अप्रैल 2026 से मार्च 2027 के बीच सुचारु रूप से शुरू कर दिया जाएगा। यूनियन इसे हजारों कर्मचारियों की मानसिक जीत बता रही है।

करोड़ों खर्च के बाद भी सुविधाएं अधूरी

गौरतलब है कि 16 सितंबर 2023 को करीब 1 करोड़ 31 लाख 25 हजार रुपये की लागत से क्लब का अनुरक्षण कराया गया था। इसके बावजूद आज तक क्लब बंद है। क्लब में फर्नीचर, इनडोर गेम्स, जिम, योगा सेंटर, चारदीवारी, ग्राउंड, लाइटिंग, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, पेवर ब्लॉक और कैफेटेरिया जैसी बुनियादी सुविधाएं अब तक दुरुस्त नहीं की गई हैं।

यूनियन ने दी कड़ी चेतावनी

बीएकेएस अध्यक्ष हरिओम कुमार ने स्पष्ट कहा कि यदि आगे भी कर्मचारियों की जायज मांगों की अनदेखी की गई, तो यूनियन हर मुद्दे को पीएमओ और कोर्ट तक ले जाएगी। उन्होंने कहा कि बाहरी और गैर-निर्वाचित नेताओं के सहारे कर्मचारियों के शोषण का दौर अब समाप्त हो चुका है। अब प्रबंधन के पास सीमित समय है, जिसमें सभी कार्य पूरे कर क्लब को कर्मचारियों के लिए खोलना होगा।

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