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रांची। देश के अन्नदाताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक और बड़ा कदम उठाया गया है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की बहुप्रतीक्षित 23वीं किस्त जारी होने के ऐतिहासिक अवसर पर, रांची स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) में ‘पीएम किसान उत्सव दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया।
विश्वविद्यालय के अंतर्गत रांची कृषि महाविद्यालय के मुख्य प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देश भर के किसानों के साथ झारखंड के किसान भी साझीदार बने। कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाइव संबोधन का सीधा प्रसारण किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) तकनीक के माध्यम से एक सिंगल क्लिक में देश के 9.44 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों के बैंक खातों में कुल 18,880 करोड़ रुपये की सम्मान राशि सीधे ट्रांसफर की।
कृषि वैज्ञानिकों ने दिए उन्नत खेती और पशुपालन के गुरु
इस विशेष उत्सव दिवस के मौके पर बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों ने उपस्थित किसानों को आधुनिक और तकनीकी रूप से समृद्ध खेती के गुर सिखाए। वैज्ञानिकों ने किसानों को पीएम किसान योजना का निरंतर लाभ पाने के लिए अनिवार्य ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करने की विधि समझाई। इसके अलावा, आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए उन्नत खरीफ फसल प्रबंधन, रसायनों से मुक्त प्राकृतिक खेती (Natural Farming), बेहतर मुनाफे के लिए वैज्ञानिक पद्धति से बकरी, मुर्गी व सूअर पालन और कृषक उत्पादक संगठनों (FPO) के निर्माण व उससे होने वाले सामूहिक लाभों पर महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां साझा कीं।
डिजिटल और ऑफलाइन माध्यम से जुड़े हजारों किसान
इस पूरे आयोजन का सफल क्रियान्वयन प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. डी.के. शाही और अपर निदेशक डॉ. निरंजन लाल के कुशल नेतृत्व में किया गया। इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रसार शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत झारखंड में कार्यरत सभी 16 कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इन केंद्रों के सामूहिक प्रयासों के चलते राज्य भर के लगभग 2500 किसान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से इस ज्ञानवर्धक उत्सव से जुड़े।
इस गरिमामयी अवसर पर विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. पी.के. सिंह, कुलसचिव (रजिस्ट्रार) डॉ. शैलेश चट्टोपाध्याय, पशु चिकित्सा संकाय के डीन डॉ. आलोक कुमार पांडेय, वानिकी संकाय के डीन डॉ. कौशल कुमार, कृषि प्रसार शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. बी.के. झा, केवीके बोकारो के प्रधान डॉ. रंजय कुमार सिंह और आनुवंशिकी एवं पौधा प्रजनन विभाग के वरीय वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार समेत कई अन्य शोधकर्ता और कृषि विशेषज्ञ मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

