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Bihar News: नवजात शिशु खरीद-फरोख्त गिरोह का पर्दाफाश… जानें

Bihar: बिहार के सारण जिले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। नवजात शिशु की खरीद-फरोख्त करने वाले एक अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गिरोह के कब्जे से नवजात शिशु को भी सकुशल

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Bihar: बिहार के सारण जिले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। नवजात शिशु की खरीद-फरोख्त करने वाले एक अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गिरोह के कब्जे से नवजात शिशु को भी सकुशल बरामद कर लिया है।

सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. कुमार आशीष ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मामला 26 सितंबर 2025 को सामने आया था, जब एक महिला ने जनता बाजार थाना में आवेदन देकर आरोप लगाया कि उसके बच्चे को फर्जी नर्सिंग होम संचालकों ने जन्म के बाद छीनकर बेच दिया।

महिला ने बताया कि उसका प्रसव जनता बाजार थाना क्षेत्र के भटवलिया गांव में स्थित एक फर्जी क्लिनिक ‘माँ दुर्गा नर्सिंग होम’ में हुआ था। यह क्लिनिक उपेंद्र सिंह नाम के व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा था। महिला का आरोप था कि क्लिनिक के संचालक हरिकिशोर प्रसाद और उसका भाई उपेंद्र सिंह ने प्रसव के बाद अधिक पैसे की मांग की। पैसे न देने पर उन्होंने नवजात शिशु को जबरन छीन लिया और किसी अज्ञात व्यक्ति को बेच दिया।

5 लाख में बेचा गया नवजात बच्चा

महिला की शिकायत पर जनता बाजार थाना कांड संख्या 228/25 दर्ज की गई। इसके बाद एसपी ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। टीम ने छापेमारी कर सबसे पहले गिरोह के सरगना हरिकिशोर प्रसाद को 27 सितंबर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसका भाई उपेंद्र सिंह और उसका दोस्त सोनू गिरी (रसुलपुर, सिवान निवासी) ने बच्चे को 5 लाख रुपये में बेच दिया है।

एसएसपी के निर्देश पर बनी टीम ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सदस्य प्रियंका कानूनगो और मिशन मुक्ति फाउंडेशन, रेस्क्यू फाउंडेशन दिल्ली, तथा गुजरात पुलिस के सहयोग से छापामारी की। इसके बाद गुजरात के वडोदरा जिले से आरोपी सोनू गिरी को गिरफ्तार किया गया और ट्रांजिट रिमांड पर सारण लाया गया।

पुलिस ने ऐसे किया पर्दाफाश

सोनू गिरी की निशानदेही पर पुलिस ने नवजात शिशु को सिवान जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के उखई गांव में नीरज पासवान के घर से बरामद किया। नीरज पासवान और उसके परिजनों को भी इस अवैध सौदे में शामिल पाया गया।

एसपी डॉ. आशीष ने बताया कि फिलहाल तीन आरोपियों — हरिकिशोर प्रसाद, सोनू गिरी और नीरज पासवान — को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। साथ ही, “माँ दुर्गा नर्सिंग होम” नामक फर्जी क्लिनिक की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार

उन्होंने कहा कि इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दी जा सके। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि यह गिरोह इससे पहले कितने नवजात बच्चों की अवैध बिक्री कर चुका है।

सारण पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना ‘आवाज़ दो’ हेल्पलाइन नंबर 9031600191 पर दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

यह मामला न केवल सारण बल्कि पूरे राज्य में हड़कंप मचाने वाला है। जिस तरह एक फर्जी क्लिनिक के नाम पर नवजात बच्चों का सौदा किया जा रहा था, वह समाज और कानून दोनों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।

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