Patna: ‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत बुधवार को नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड के पांती स्थित उन्नति जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सामाजिक दायित्वों, आर्थिक आत्मनिर्भरता तथा सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन के प्रति जागरूक करना था।
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समाज कल्याण विभाग के महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। संवादात्मक सत्र के दौरान महिलाओं ने सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। विशेषज्ञों ने सरकारी योजनाओं, महिला अधिकारों और समाज में महिलाओं की बढ़ती भूमिका से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
आर्थिक आत्मनिर्भरता पर दिया गया विशेष जोर
वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ अमन कुमार ने कहा कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर महिला अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े बेहतर निर्णय लेने में सक्षम होती है। उन्होंने महिलाओं से नियमित बचत करने, बैंक खातों का सक्रिय उपयोग, डिजिटल बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर स्वरोजगार अपनाने की अपील की।
नशामुक्ति और लैंगिक समानता पर किया गया जागरूक
लैंगिक विशेषज्ञ पंकज कुमार ने नशामुक्ति पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि शराब की लत पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। उन्होंने महिलाओं से नशामुक्त समाज बनाने के अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
वहीं विशेषज्ञ मयंक प्रियदर्शी ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का जन-आंदोलन है। उन्होंने बालिका शिक्षा और लैंगिक समानता के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
महिलाओं को बताए गए कानूनी अधिकार
कार्यक्रम में रजौली की केस वर्कर पूजा कुमारी ने महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
क्षेत्रीय समन्वयक चंद्रदीप कुमार ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है।





