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सदर अस्पताल का कमाल, प्राइवेट अस्पतालों को मात : जटिल ब्रेन ट्यूमर की सफल सर्जरी

रांची: झारखंड की राजधानी स्थित सदर अस्पताल ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई इबारत लिख दी है। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए एक 44 वर्षीय महिला के मस्तिष्क से जटिल ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल बाहर किया

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रांची: झारखंड की राजधानी स्थित सदर अस्पताल ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई इबारत लिख दी है। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए एक 44 वर्षीय महिला के मस्तिष्क से जटिल ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल बाहर किया है। बोकारो की रहने वाली इस महिला को न केवल नई जिंदगी मिली है, बल्कि इस कामयाबी ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर जनता का भरोसा भी बढ़ाया है।

चुनौतीपूर्ण थी ‘बायीं कनपटी’ की सर्जरी

सिविल सर्जन डॉ. प्रभात रंजन ने रविवार को इस ऐतिहासिक सर्जरी की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि महिला के मस्तिष्क की बायीं कनपटी वाले हिस्से में ट्यूमर था। मेडिकल विज्ञान में यह हिस्सा अत्यंत संवेदनशील माना जाता है क्योंकि यहाँ से शरीर की कई महत्वपूर्ण नसें गुजरती हैं। जरा सी चूक मरीज के जीवन भर के लिए घातक साबित हो सकती थी, लेकिन सदर अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. अशोक मुंडा और उनकी टीम ने इस चुनौती को स्वीकार किया।

टीम वर्क ने रचा इतिहास

डॉ. अशोक मुंडा के नेतृत्व में डॉक्टरों ने अत्यंत सावधानी के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस जटिल प्रक्रिया में एनेस्थेटिस्ट डॉ. नीरज, डॉ. वसुधा और डॉ. कौशल की भूमिका रीढ़ की हड्डी साबित हुई, जिन्होंने पूरी सर्जरी के दौरान मरीज की स्थिति को स्थिर बनाए रखा। साथ ही, ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट सिस्टर नेली, मुकेश और अमित के तालमेल ने इस नामुमकिन से दिखने वाले काम को मुमकिन कर दिखाया।

सरकारी अस्पताल में ‘कॉर्पोरेट’ जैसी सुविधा

अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. प्रभात कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता साबित करती है कि अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों की ओर भागने की जरूरत नहीं है। सदर अस्पताल में अब विशेषज्ञ डॉक्टर और आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।

सर्जरी के बाद महिला अब पूरी तरह होश में है और तेजी से रिकवर कर रही है। मरीज के परिजनों ने भावुक होते हुए डॉक्टरों को ‘भगवान का रूप’ बताया और अस्पताल प्रशासन का आभार जताया। यह उपलब्धि न केवल रांची बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।

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